स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने टेस्ट क्रिकेट में टीम के हालिया प्रदर्शन को लेकर हो रही आलोचनाओं पर खुलकर जवाब दिया है। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने साफ कहा कि उनका लक्ष्य सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करना नहीं, बल्कि भारतीय टीम को ट्रॉफियां जिताना है।
गंभीर ने कहा, “मेरा काम ट्रॉफी जीतना है, व्यूज और लाइक्स नहीं। मुझे बस इसी की परवाह है और इसी पर मुझे विश्वास है।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
दरअसल, भारत को 2024 में घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने भी भारत को घर में 0-2 से टेस्ट सीरीज में मात दी। इन नतीजों के चलते गंभीर की कोचिंग और टीम के प्रदर्शन पर लगातार चर्चा होती रही है।
हालांकि, श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम ने पहले टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 165 रनों से जीत दर्ज की और दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। अब टीम की नजरें कोलंबो में होने वाले दूसरे टेस्ट को जीतकर सीरीज अपने नाम करने पर हैं।
‘रैंकिंग मायने नहीं रखती’
गंभीर ने टेस्ट टीम की स्थिति पर कहा कि भारतीय टीम किसी संघर्ष के दौर से नहीं गुजर रही है। उन्होंने कहा कि रैंकिंग उनके लिए मायने नहीं रखती और इंग्लैंड दौरे के बाद टीम ने ठीक-ठाक टेस्ट क्रिकेट खेला है। साथ ही उन्होंने माना कि भारतीय क्रिकेट इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है और इस दौरान कुछ मुश्किलें आना स्वाभाविक है।
युवा खिलाड़ियों को लेकर भी बोले गंभीर
गंभीर ने देवदत्त पडिक्कल और मानव सुथार के प्रदर्शन पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन किसी खिलाड़ी को सिर्फ एक या दो मैचों के आधार पर आंकना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक खिलाड़ियों को लगातार मौके और टीम का समर्थन मिलना जरूरी है।
भारतीय कोच ने यह भी कहा कि टीम का प्रयास ऐसा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण उतारने का होगा, जो विपक्षी टीम के 20 विकेट हासिल कर सके। कुलदीप यादव को उन्होंने अच्छा गेंदबाज बताया और संकेत दिया कि अंतिम संयोजन परिस्थितियों तथा कप्तान के फैसले पर भी निर्भर करेगा।
गंभीर का संदेश साफ है—आलोचना और सोशल मीडिया की चर्चा से ज्यादा उनके लिए मैदान पर टीम का प्रदर्शन और अंत में ट्रॉफी जीतना महत्वपूर्ण है।








