140 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं! चक्रवात अर्नब को लेकर 9 राज्यों में चेतावनी

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डेस्क : बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान अर्नब ने देश के कई राज्यों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान के और शक्तिशाली होने की आशंका है। इसके मद्देनजर आंध्र प्रदेश और ओडिशा सहित नौ राज्यों में मौसम को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। तूफान के प्रभाव से कई क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के साथ 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

53 ट्रेनें रद्द, रेल यात्रियों की बढ़ी परेशानी

चक्रवात के खतरे को देखते हुए रेलवे ने एहतियाती कदम उठाए हैं। 27 और 28 अक्टूबर को करीब 53 ट्रेन सेवाओं को रद्द करने की सूचना है। इसका असर आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, राजमुंदरी, मछलीपट्टनम, नरसापुर, भीमावरम, काकीनाडा पोर्ट, गुंटूर और विशाखापत्तनम सहित कई क्षेत्रों के रेल मार्गों पर पड़ सकता है।

रेलवे ने यात्रियों की सहायता और परिचालन संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति और रद्द होने संबंधी जानकारी की पुष्टि अवश्य कर लें।

नौ राज्यों में मौसम का अलर्ट

चक्रवात अर्नब के प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश सहित कई क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पुडुचेरी में भी सतर्कता बढ़ाई गई है।

पूर्वानुमान के अनुसार, 27 और 28 अक्टूबर को ओडिशा के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका है। तेलंगाना में 28 अक्टूबर तथा बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 29 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

ओडिशा में शैक्षणिक संस्थान बंद, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा

चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने संवेदनशील जिलों में एहतियाती कदम उठाए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, मलकानगिरि, कोरापुट और नबरंगपुर जैसे दक्षिणी जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

प्रशासन ने समुद्र में मछली पकड़ने और संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर जाने को लेकर भी प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। तेज हवाओं और भारी बारिश से पेड़ गिरने, जलभराव तथा बिजली और परिवहन सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका है।

आंध्र प्रदेश में राहत और बचाव की तैयारी

आंध्र प्रदेश सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 20 जिलों को 27 करोड़ रुपये जारी किए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन को लोगों की सुरक्षा, आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्र सरकार भी स्थिति पर नजर रख रही है। संबंधित एजेंसियों और राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर राहत एवं बचाव की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और संभावित प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने तथा लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। चक्रवात की दिशा और तीव्रता में बदलाव के साथ मौसम संबंधी पूर्वानुमान भी बदल सकते हैं, इसलिए लोगों को आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की आवश्यकता है।