नई दिल्ली : भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को दोहराते हुए मंगलवार को स्पष्ट किया कि आतंकवाद को परास्त करने के लिए नई दिल्ली ‘‘जो भी कार्रवाई जरूरी होगी’’ वह करती रहेगी। विदेश मंत्रालय ने यह बयान ऐसे समय दिया है, जब मुंबई पुलिस ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में पाकिस्तान में मौजूद छह फरार आरोपियों के खिलाफ उनकी गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू की है।
विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत आतंकवाद को बेहद गंभीरता से लेता है और चाहता है कि पूरी दुनिया आतंकवादी गतिविधियों की गंभीरता को समझे। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले कई वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं और यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
जायसवाल ने कहा, ‘‘भारत आतंकवाद से बुरी तरह प्रभावित रहा है। आतंकवाद को हराने के लिए जो भी कार्रवाई आवश्यक होगी, भारत उसे जारी रखेगा।’’
यह बयान मुंबई पुलिस की उस कार्रवाई के बाद आया है, जिसमें 26/11 आतंकी हमले के छह पाकिस्तानी आरोपियों के खिलाफ गैरहाजिरी में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मुंबई पुलिस ने इस संबंध में विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम को पत्र लिखकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है।
जिन आरोपियों के खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है, उनमें लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद, वरिष्ठ आतंकी जकी-उर-रहमान लखवी, साजिद मीर, अबू अलकामा, आसिम उर्फ अबू काहफा और मेजर अब्दुर रहमान पाशा शामिल हैं।
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि 26/11 जैसे आतंकी मामले में पहली बार भारतीय न्याय व्यवस्था में भगोड़े आरोपियों के खिलाफ गैरहाजिरी में मुकदमा चलाने से संबंधित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 356 के प्रावधानों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम के अनुसार, बीएनएसएस की धारा 356 ऐसे फरार आरोपियों के खिलाफ उनकी अनुपस्थिति में कानूनी कार्यवाही का रास्ता उपलब्ध कराती है। इसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी को रोकना है।
26/11 में 160 से अधिक लोगों की हुई थी मौत
मुंबई में नवंबर 2008 में हुए 26/11 आतंकी हमलों को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने अंजाम दिया था। हमलों में 160 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। भारत लंबे समय से हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में मदद करने वाले उन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और जवाबदेही की मांग करता रहा है, जो पाकिस्तान में मौजूद हैं।
शहजाद भट्टी नेटवर्क पर भी पाकिस्तान को घेरा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान की ओर से भारत के उस दावे को खारिज किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें शहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा बताया गया है। जायसवाल ने कहा कि इस मामले में भारत सरकार अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर चुकी है और वही भारत का आधिकारिक पक्ष है।
इससे पहले स्वतंत्रता दिवस से पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने 14 राज्यों में समन्वित कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, अभियान के दौरान 253 लोगों को हिरासत में लिया गया, 80 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गईं और 200 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने इसे सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘‘जीरो टॉलरेंस’’ नीति के तहत की गई कार्रवाई बताया है।








