धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी विपक्ष के तेवर बरकरार, संसद में सरकार को घेरने की तैयारी

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डेस्क : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बावजूद विपक्ष का सरकार के खिलाफ रुख नरम नहीं पड़ा है। मानसून सत्र के बचे हुए दिनों में विपक्ष ने सरकार को घेरने की नई रणनीति तैयार की है। विपक्षी दल अब नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को संसद में प्रमुखता से उठाने की तैयारी में हैं।

विपक्षी दलों के लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। विपक्ष की कोशिश है कि संसद में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराई जाए। कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के अन्य दलों का आरोप है कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग की है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा उपनेता सागरिका घोष ने भी सदन में कामकाज स्थगित कर इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग को लेकर नोटिस दिया है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद भी जारी रहेगा विरोध

नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लंबे समय से चर्चा में रहा है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र संगठनों की ओर से आंदोलन समाप्त करने का फैसला किया गया, लेकिन विपक्ष ने अपने तेवर बरकरार रखे हैं। विपक्ष का कहना है कि केवल मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के लिए भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

सरकार भी ला सकती है अहम विधेयक

इस बीच, केंद्र सरकार मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में लाने की तैयारी में है। इनमें सार्वजनिक परीक्षाओं में अनैतिक साधनों की रोकथाम से जुड़े कानून में संशोधन का प्रस्ताव भी शामिल है। माना जा रहा है कि इस संशोधन का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए मौजूदा कानूनी व्यवस्था को और मजबूत करना है।

प्रस्तावित बदलावों के तहत पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं के मामलों में कड़े दंड का प्रावधान किए जाने की संभावना है। साथ ही ऐसे मामलों की जांच और सुनवाई में तेजी लाने के लिए विशेष व्यवस्था किए जाने पर भी विचार किया जा रहा है।

संसद में टकराव के आसार

विपक्ष जहां छात्रों के मुद्दे और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है, वहीं सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित कानूनों को आगे बढ़ाने की कोशिश होगी। ऐसे में मानसून सत्र के आगामी दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच एक बार फिर तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।