डेस्क : बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को लेकर सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आर्थिक रूप से संपन्न और आयकर देने वाले लोगों से मुफ्त बिजली का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने की अपील की है। मुख्यमंत्री की इस अपील के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि सरकार का खजाना खाली हो चुका है और अब जनता की जेब से पैसा वसूलने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को पटना के ज्ञान निकेतन स्कूल परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0’ के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार सरकार सभी आर्थिक वर्गों के उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध करा रही है। सरकार इस बिजली सब्सिडी पर हर साल करीब 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। वहीं, प्रत्येक परिवार पर सालाना लगभग 8 से 10 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने सक्षम, संपन्न और आयकर देने वाले लोगों से अपील की कि वे स्वेच्छा से 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ दें और राज्य के विकास में अपना योगदान दें।
RJD बोली- सरकार का खजाना खाली, जनता पर डालना चाहती है बोझ
मुख्यमंत्री की अपील पर राजद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा करके लोगों से वोट लिया गया था। अब सरकार अपने वादे से पीछे हटने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का खजाना खाली हो गया है और अब बिजली उपभोक्ताओं से पैसे वसूलकर खजाना भरने की तैयारी की जा रही है। राजद प्रवक्ता ने इसे जनता के साथ घोर अन्याय बताया।
JDU ने किया मुख्यमंत्री की अपील का समर्थन
वहीं, जदयू प्रवक्ता चंदन सिंह ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मुद्दा केवल मुफ्त बिजली का नहीं, बल्कि बिहार के संसाधनों के न्यायसंगत उपयोग का भी है। मुख्यमंत्री ने जो अपील की है, वह स्वागतयोग्य है।
युवाओं की भूमिका और शिक्षा पर भी बोले मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं को देश की सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों को संरक्षित करने के लिए आगे आना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को चार लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इस योजना पर सरकार प्रतिवर्ष करीब 18 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
इस तरह 125 यूनिट मुफ्त बिजली को लेकर मुख्यमंत्री की अपील के बाद बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।









