डेस्क : आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गाजियाबाद की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने एक बार फिर गैर-जमानती वारंट जारी किया है। मामला वर्ष 2018 में एक युवक से कथित मारपीट और गाली-गलौज से जुड़ा है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 23 अक्टूबर की तारीख तय की है।
मामला गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र स्थित वृंदावन गार्डन में आयोजित एक शादी समारोह का है। शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, वह वर्ष 2018 में शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे। शिकायत के मुताबिक, धर्मेंद्र ने चंद्रशेखर से हथियार लेकर आने को लेकर सवाल किया था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद चंद्रशेखर आजाद और उनके साथियों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में अदालत में शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालांकि, इन आरोपों पर अभी अदालत का अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
पहले भी जारी हो चुका है वारंट
मामले की सुनवाई के दौरान चंद्रशेखर आजाद की गैरहाजिरी को लेकर अदालत पहले भी वारंट जारी कर चुकी है। 28 सितंबर को भी मामले में उनकी पेशी थी, लेकिन वह अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ फिर गैर-जमानती वारंट जारी किया।
वादी पक्ष के अधिवक्ता भजनलाल गौतम ने अदालत से चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के साथ ही दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 और 83 के तहत कार्रवाई की मांग की है। धारा 82 के तहत फरार व्यक्ति के संबंध में उद्घोषणा और धारा 83 के तहत संपत्ति की कुर्की का प्रावधान है। वादी पक्ष ने सांसद की संपत्ति कुर्क करने की मांग भी अदालत के समक्ष रखी है।
अब इस मामले में अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी।








