डेस्क : भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से दूरी बनाने के बाद बांग्लादेश ने भारत के साथ अपने संबंधों को नए सिरे से मजबूत करने की इच्छा जताई है। बांग्लादेश के विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि ढाका भारत के साथ आपसी हितों के आधार पर नए द्विपक्षीय संबंध बनाना चाहता है।
कबीर का यह बयान प्रधानमंत्री तारिक रहमान के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होने के फैसले के कुछ दिन बाद आया है। बांग्लादेश की ओर से कहा गया था कि प्रधानमंत्री को सम्मेलन में अलग से आमंत्रित नहीं किया गया था। हालांकि, भारत ने रहमान को बिम्सटेक के अध्यक्ष के तौर पर ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। भारत की ओर से उन्हें फरवरी में ही एक अलग द्विपक्षीय निमंत्रण भी भेजा गया था।
हुमायूं कबीर ने कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ रिश्तों को नए सिरे से शुरू करना चाहता है। उन्होंने जोर दिया कि दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए द्विपक्षीय बातचीत महत्वपूर्ण है और इसे किसी बहुपक्षीय मंच के बजाय सीधे बातचीत के जरिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए भारत के साथ संबंधों को आगे बढ़ाना चाहता है। दोनों देशों के बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण समेत कई मुद्दों को लेकर मतभेद रहे हैं।
तारिक रहमान 21 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क रवाना होंगे और 26 सितंबर तक वहां रहेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी संभावित मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर कबीर ने कहा कि ऐसी बैठकें अक्सर बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के दौरान अंतिम समय में तय होती हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन में तारिक रहमान की गैरमौजूदगी के बावजूद बांग्लादेश की ओर से भारत के साथ संबंध सुधारने की इच्छा को दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में संभावित बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।








