डेस्क : देश में सितंबर के दौरान पेट्रोलियम ईंधनों की खपत में बदलाव देखने को मिला। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में भारत की कुल ईंधन खपत अगस्त की तुलना में 3.9 प्रतिशत बढ़कर करीब 1.93 करोड़ टन पहुंच गई। सालाना आधार पर भी ईंधन खपत में 3.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सितंबर में डीजल की बिक्री करीब 71.6 लाख टन रही। अगस्त की तुलना में डीजल की खपत लगभग दो प्रतिशत बढ़ी, जबकि पिछले साल सितंबर के मुकाबले इसमें 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। देश में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले पेट्रोलियम उत्पाद डीजल की मांग में यह बढ़ोतरी परिवहन और आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत मानी जा रही है।
पेट्रोल की बिक्री सितंबर में करीब 36.7 लाख टन रही। हालांकि अगस्त की तुलना में पेट्रोल की बिक्री में 4.4 प्रतिशत की कमी आई, लेकिन पिछले साल के सितंबर के मुकाबले इसमें 7.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वहीं, रसोई गैस यानी एलपीजी की खपत का रुझान अलग रहा। सितंबर में एलपीजी की खपत करीब 25.4 लाख टन रही, जो अगस्त के मुकाबले 8.5 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, पिछले साल सितंबर की तुलना में एलपीजी की खपत 9.2 प्रतिशत कम रही।
ईंधन के दामों में बदलाव नहीं
ईंधन की खपत के आंकड़ों के बीच 7 अक्टूबर को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रहा। मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर, जबकि कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर रहा।
दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये और वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत 2,810 रुपये बनी हुई है।







