डेस्क : कैंपा एनर्जी ड्रिंक के लेबल को लेकर चल रहे विवाद में रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड को दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के उस निर्देश पर फिलहाल रोक लगा दी, जिसमें कंपनी के कैंपा एनर्जी ड्रिंक उत्पाद से ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द हटाने को कहा गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने एफएसएसएआई से सवाल किया कि आदेश जारी करने से पहले रिलायंस को अपना पक्ष रखने का अवसर क्यों नहीं दिया गया। अदालत ने कहा कि किसी भी नियामकीय कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को सुनवाई का उचित अवसर मिलना चाहिए।
रिलायंस ने अदालत में दलील दी कि एफएसएसएआई के निर्देश से उसके कारोबार पर गंभीर असर पड़ा है। कंपनी के पास ‘एनर्जी ड्रिंक’ लेबल के साथ बड़ी मात्रा में तैयार उत्पाद और पैकेजिंग सामग्री मौजूद है। कंपनी ने कहा कि अचानक लेबल बदलने के निर्देश से तैयार माल और पैकेजिंग पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ेगा।
एफएसएसएआई ने 30 जून को अधिक कैफीन वाले पेय पदार्थों की लेबलिंग को लेकर निर्देश जारी किया था। नियामक का कहना था कि ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है और उपभोक्ताओं को उत्पाद की प्रकृति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
इस विवाद का असर अन्य पेय कंपनियों पर भी पड़ा है। पेप्सिको, मॉन्स्टर बेवरेज और रेड बुल सहित कुछ अन्य कंपनियों ने भी एफएसएसएआई के निर्देशों को अदालत में चुनौती दी है। अदालत से इन कंपनियों को भी अलग-अलग मामलों में राहत मिली है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल मामले में अंतरिम राहत देते हुए एफएसएसएआई के आदेश पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर 2026 को होगी। अंतिम निर्णय आने तक इस विवाद पर स्थिति स्पष्ट नहीं होगी।







