जनसांख्यिकीय बदलावों पर सरकार ने मांगे सुझाव, अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर बनेगी रणनीति

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नई दिल्ली :  देश में जनसांख्यिकीय बदलावों, अवैध घुसपैठ और असामान्य आबादी बसावट से जुड़े मामलों का अध्ययन करने के लिए केंद्र सरकार की हाईलेवल कमेटी ने आम जनता से जानकारी और सुझाव जुटाने के लिए एक विशेष वेब पोर्टल शुरू किया है। गृह मंत्रालय के अंतर्गत गठित हाईलेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंजेज (HLCDC) का यह पोर्टल 14 अक्टूबर 2026 से आम लोगों और विभिन्न संस्थानों के लिए उपलब्ध है।

सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर की अध्यक्षता वाली इस कमेटी का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों के कारणों और उनके प्रभावों का अध्ययन करना है। पोर्टल के माध्यम से केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों, राज्य सरकारों, केंद्रशासित प्रदेशों, गैर-सरकारी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों को अपने सुझाव, आंकड़े तथा संबंधित जानकारियां साझा करने का अवसर मिलेगा।

अवैध प्रवास के कारणों का होगा अध्ययन

गृह मंत्रालय के अनुसार, पोर्टल पर प्राप्त जानकारियों के आधार पर कमेटी जनसंख्या में बदलाव, सीमा पार आवाजाही, अवैध प्रवास और असामान्य बसावट के पीछे के संभावित कारणों का विश्लेषण करेगी। इसके अलावा, प्रजनन दर में बदलाव, आर्थिक अवसरों और सामाजिक एवं पर्यावरणीय परिस्थितियों जैसे पहलुओं का भी अध्ययन किया जाएगा।

कमेटी को देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की कानूनी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पहचान, हिरासत तथा निर्वासन के लिए एक व्यवस्थित और स्थायी कार्यप्रणाली सुझाने की जिम्मेदारी दी गई है।

सीमा प्रबंधन और केंद्र-राज्य समन्वय पर भी रहेगा जोर

कमेटी अपने अध्ययन के आधार पर सीमा प्रबंधन को मजबूत करने, जनसंख्या संबंधी रुझानों की निगरानी के लिए पहचान प्रणालियों को बेहतर बनाने और केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच समन्वय बढ़ाने के उपाय भी सुझाएगी। इसके साथ ही, जनसांख्यिकीय बदलावों से संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक नीतिगत ढांचा तैयार करने पर भी विचार किया जाएगा।

गृह मंत्रालय ने 26 मई 2026 को इस हाईलेवल कमेटी का गठन किया था। कमेटी को देश में जनसांख्यिकीय बदलावों की प्रकृति, कारणों और प्रभावों का व्यवस्थित अध्ययन कर उचित नीतिगत, प्रशासनिक और कानूनी उपाय सुझाने का दायित्व सौंपा गया है।

पोर्टल पर साझा कर सकते हैं जानकारी

आम नागरिक और संबंधित संस्थान जनसांख्यिकीय बदलावों से जुड़े उपलब्ध आंकड़े, दस्तावेज और अन्य प्रासंगिक जानकारियां आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से साझा कर सकते हैं।