सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में ‘हिंदूवाद मुर्दाबाद’ के नारे से विवाद, जांच के आदेश

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डेस्क : गोवा की राजधानी पणजी में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘हिंदुत्व मुर्दाबाद’ का नारा लगाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने के बाद पार्टी की गोवा इकाई ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी ऐसे बयान, नारे या गतिविधि का समर्थन नहीं करती, जिससे किसी धर्म, समुदाय या धार्मिक भावना का अपमान हो।

यह विरोध प्रदर्शन 11 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए थे। इसी दौरान सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में कुछ युवतियां ‘हिंदुत्व मुर्दाबाद’ का नारा लगाती दिखाई दीं, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।

सीजेपी ने धार्मिक भावनाओं के सम्मान की बात कही

विवाद के बीच सीजेपी की गोवा इकाई ने अपने बयान में कहा कि पार्टी सभी धर्मों, जातियों और समुदायों का सम्मान करती है। वह किसी भी ऐसे नारे या बयान का समर्थन नहीं करती, जिससे किसी की धार्मिक मान्यताओं और भावनाओं को ठेस पहुंचे।

पार्टी ने स्पष्ट किया कि पणजी में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करना और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों को उठाना था। सीजेपी के अनुसार, उसका अभियान संस्थागत जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों से संबंधित है, न कि किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ।

पार्टी ने लोगों से अपील की कि चुनावी जवाबदेही से जुड़े उसके अभियान को ऐसे नारों के साथ जोड़कर न देखा जाए, जो उसकी घोषित विचारधारा और उद्देश्यों के विपरीत हैं।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने दिए जांच के निर्देश

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को देखने के बाद उन्होंने पुलिस को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटनाक्रम के बाद गोवा में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। मामले में अब पुलिस की जांच और उससे सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुआ था प्रदर्शन

सीजेपी ने पणजी में यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया था। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की थी।

हालांकि, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारे ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। एक ओर पार्टी ने अपने आंदोलन को चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा मुद्दा बताया है, वहीं दूसरी ओर विवादित नारे को लेकर उठे सवालों के बीच उसने धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। अब इस मामले में जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।