‘मिर्जापुर: द मूवी’ में क्लासिक बॉलीवुड का तड़का, रितेश सिधवानी ने खोला राज

0

डेस्क : लोकप्रिय क्राइम ड्रामा फ्रेंचाइजी ‘मिर्जापुर’ की दुनिया अब बड़े पर्दे पर भी दर्शकों का मनोरंजन कर रही है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर फिल्म के निर्माता रितेश सिधवानी ने एक दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि फिल्म में 1977 में रिलीज हुई हिंदी सिनेमा की चर्चित फिल्म ‘अमर अकबर एंथनी’ से प्रेरित कुछ खास संदर्भ शामिल किए गए हैं।

रितेश सिधवानी के मुताबिक, निर्देशक गुरमीत सिंह ने फिल्म में ‘अमर अकबर एंथनी’ से जुड़े कुछ संदर्भों को शामिल किया है। यह फिल्म हिंदी सिनेमा की उन क्लासिक फिल्मों में शामिल है, जिन्हें देखते हुए कई फिल्म निर्माता बड़े हुए हैं। ऐसे में इस फिल्म से प्रेरणा लेना उनके लिए खास अनुभव रहा।

तीन प्रमुख किरदारों के बीच खास कनेक्शन

‘अमर अकबर एंथनी’ में तीन प्रमुख पुरुष किरदारों की कहानी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुई थी। इसी तरह ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में भी पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु के किरदार कहानी के केंद्र में हैं। पंकज त्रिपाठी कालीन भैया, अली फजल गुड्डू भैया और दिव्येंदु मुन्ना भैया के रूप में नजर आते हैं।

फिल्म में इन किरदारों के जरिए पुरानी हिंदी फिल्मों की यादों को नए अंदाज में पेश करने की कोशिश की गई है। हालांकि, ‘मिर्जापुर’ की अपनी अलग पहचान और अपराध की दुनिया पर आधारित कहानी बरकरार है।

पुराने बॉलीवुड को श्रद्धांजलि

रितेश सिधवानी और उनके प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट ने कई चर्चित फिल्मों और वेब सीरीज का निर्माण किया है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के जरिए लोकप्रिय फ्रेंचाइजी को सिनेमाघरों तक पहुंचाया गया है। फिल्म में एक्शन, ड्रामा और पुराने किरदारों के साथ ऐसे संदर्भ भी जोड़े गए हैं, जो हिंदी सिनेमा के पुराने दौर की याद दिलाते हैं।

रितेश सिधवानी ने कहा कि निर्देशक गुरमीत सिंह ने ‘अमर अकबर एंथनी’ से जुड़े कुछ संदर्भ फिल्म में शामिल किए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे खुद ऐसी क्लासिक फिल्में देखते हुए बड़े हुए हैं और उनसे प्रेरणा लेना उनके लिए खास रहा।

दर्शकों को पसंद आ रहा पुरानी यादों और नए अंदाज का मेल

‘मिर्जापुर: द मूवी’ में लोकप्रिय किरदारों की वापसी के साथ फ्रेंचाइजी की परिचित शैली को बड़े पर्दे पर पेश किया गया है। फिल्म में पुराने हिंदी सिनेमा के संदर्भ जोड़कर निर्माताओं ने दर्शकों को एक अलग अनुभव देने की कोशिश की है।

फिल्म में ‘अमर अकबर एंथनी’ की झलक इस बात का उदाहरण है कि किस तरह पुरानी फिल्मों से मिली प्रेरणा को आज की कहानियों में शामिल किया जा सकता है। इससे नई पीढ़ी के दर्शकों को भी हिंदी सिनेमा की क्लासिक फिल्मों से जुड़ने का मौका मिलता है।