डेस्क : कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर भाजपा ने एक बार फिर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। शनिवार को भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्षी गठबंधन INDIA पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी को ‘मॉक प्रधानमंत्री’ बनाने की सलाह दे डाली। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष चाहे तो राहुल गांधी को जीवनभर अपना मॉक प्रधानमंत्री बनाए रख सकता है।
दरअसल, विपक्षी गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में एक प्रतीकात्मक ‘जनता की अदालत’ और महाभियोग जैसी कार्यवाही आयोजित की थी। यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताएं हुई हैं।
इसी घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे तो अपना मॉक संसद जारी रखे और राहुल गांधी को सदन में प्रधानमंत्री की तरह बैठाकर उनके समर्थन में नारे लगाए। पात्रा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी को मॉक प्रधानमंत्री बनाए रखने पर भाजपा को कोई आपत्ति नहीं है।
‘वोट चोरी’ के आरोपों पर भी कांग्रेस को घेरा
संबित पात्रा ने कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव आयोग और मतदाता सूची के मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रही है। इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल का उल्लेख करते हुए भी कांग्रेस पर राजनीतिक हमला किया।
वहीं, भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने विश्व बैंक की गरीबी संबंधी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश में गरीबी कम होने के आंकड़े विपक्ष के दावों पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने राहुल गांधी की भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर की गई आलोचना पर भी पलटवार किया।
रविवार को विपक्ष की प्रस्तावित रैली
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर विपक्षी गठबंधन ने रविवार को दिल्ली में रैली करने की भी योजना बनाई है। ऐसे में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने देश की राजनीति में एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।









