नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। शनिवार को INDIA गठबंधन की ओर से आयोजित प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि मोदी और शाह से भी निपटा जाएगा, लेकिन फिलहाल ज्ञानेश कुमार विपक्ष का पहला निशाना हैं।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार और उनके अधीन काम करने वाले अधिकारियों को यह समझ लेना चाहिए कि उन्हें उनकी कथित भूमिका के लिए जवाबदेह बनाया जाएगा। राहुल ने कहा कि विपक्ष किसी को भी जिम्मेदारी से बचकर निकलने नहीं देगा।
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार इस पूरे मामले का केवल एक हिस्सा हैं और इसके पीछे अन्य लोगों की भूमिका भी है। राहुल गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा कि देश में परिस्थितियां बदल रही हैं और लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए विपक्ष अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की मांग का समर्थन किया। उन्होंने यहां तक कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई के साथ-साथ उनके विरुद्ध अदालत में मुकदमा भी चलाया जाना चाहिए, ताकि न्याय मिल सके।
मतदाता सूची को लेकर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपने भाषण में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि देश में 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 15 प्रतिशत है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का उल्लेख करते हुए कहा कि जीत और हार का अंतर लगभग तीन प्रतिशत वोटों का था। ऐसे में मतदाता सूची में हुए बदलाव गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया।
विपक्ष के इस कार्यक्रम के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका, चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूची में संशोधन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, कार्यक्रम में आयोजित महाभियोग प्रतीकात्मक था और इससे मुख्य चुनाव आयुक्त को संवैधानिक रूप से पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं होती।









