नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन ने ‘चलो दिल्ली’ रैली के जरिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग को घेरते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। रैली को संबोधित करने पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल ने इसे भाजपा सरकार के अंत की शुरुआत करार दिया।
पत्रकारों से बातचीत में कपिल सिब्बल ने कहा, “यह भाजपा के अंत की शुरुआत है।” उनके इस बयान को विपक्ष की आगामी राजनीतिक रणनीति और केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुट संघर्ष के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने रैली में उमड़ी भीड़ को देशव्यापी जनभागीदारी का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचे हैं और इसी तरह के कार्यक्रम देश के प्रत्येक शहर में आयोजित किए जाएंगे।
राहुल गांधी से ममता बनर्जी तक, विपक्ष के दिग्गज एक मंच पर
INDIA गठबंधन की इस रैली में विपक्षी एकजुटता की तस्वीर देखने को मिली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, RJD नेता तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, CPI नेता डी. राजा, PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
रैली से पहले विपक्षी नेताओं और समर्थकों ने मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से मार्च शुरू किया और पैदल रामलीला मैदान पहुंचे। इस दौरान हजारों समर्थकों की मौजूदगी ने दिल्ली में विपक्षी दलों की राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया।
SIR के मुद्दे पर चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की लामबंदी
विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में अनियमितताएं हुई हैं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठा रहा है। 31 अक्टूबर को राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आयोजित सार्वजनिक ‘महाभियोग’ कार्यक्रम के बाद रविवार की यह रैली विपक्ष के विरोध अभियान का अगला बड़ा कदम मानी जा रही है।
रामलीला मैदान से विपक्ष ने एकजुट होकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी राजनीतिक लड़ाई तेज करने का संदेश दिया। अब देखना होगा कि विपक्ष का यह साझा अभियान आने वाले दिनों में देश की राजनीति और चुनावी विमर्श को किस दिशा में ले जाता है।









