भारतीय रसोई में अचार केवल भोजन का सहायक नहीं, बल्कि स्वाद की एक ऐसी परंपरा है जो पीढ़ियों से चली आ रही है। आम, नींबू और मिर्च के अचार तो लगभग हर घर में बनते हैं, लेकिन यदि आप कुछ अलग और अनोखा स्वाद चखना चाहते हैं, तो कटहल का चटपटा अचार अवश्य बनाइए। मसालों की सुगंध और कटहल की अनूठी बनावट मिलकर ऐसा स्वाद रचती है कि साधारण दाल-रोटी भी विशेष लगने लगती है।
आवश्यक सामग्री
- कच्चा कटहल – 500 ग्राम
- सरसों का तेल – 200 मिलीलीटर
- पीली सरसों (राई) – 3 बड़े चम्मच
- सौंफ – 2 बड़े चम्मच
- मेथी दाना – 1 छोटा चम्मच
- हल्दी पाउडर – 2 छोटे चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – 2 छोटे चम्मच
- हींग – 1/4 छोटा चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- सिरका – 2 बड़े चम्मच (वैकल्पिक)
बनाने की विधि
सबसे पहले कटहल को छीलकर मध्यम आकार के टुकड़ों में काट लें। कटहल काटते समय हाथों और चाकू पर थोड़ा तेल लगा लें ताकि उसका चिपचिपा रस न लगे।
एक बर्तन में पानी उबालें और कटहल के टुकड़ों को लगभग पाँच से सात मिनट तक हल्का उबाल लें। इसके बाद पानी निकालकर कटहल को किसी सूती कपड़े पर फैलाकर पूरी तरह सुखा लें। अचार बनाने के लिए कटहल का नमी रहित होना बहुत आवश्यक है।
अब एक कड़ाही में मेथी दाना, सौंफ और पीली सरसों को हल्का भून लें। ठंडा होने पर इन्हें दरदरा पीस लें। यही मसाला अचार को विशेष स्वाद और सुगंध प्रदान करेगा।
एक बड़े बर्तन में कटहल के टुकड़े डालें। उसमें पिसा हुआ मसाला, हल्दी, लाल मिर्च, हींग और नमक मिलाकर अच्छी तरह मिला लें।
अब सरसों के तेल को धुआँ उठने तक गर्म करें और फिर पूरी तरह ठंडा होने दें। ठंडा तेल मसाले वाले कटहल पर डालें और सब कुछ अच्छी तरह मिलाएँ। यदि आप अचार को अधिक समय तक सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इसमें दो बड़े चम्मच सिरका भी मिला सकते हैं।
तैयार मिश्रण को साफ और सूखे काँच के जार में भर दें। जार को तीन से चार दिनों तक धूप में रखें। प्रतिदिन एक बार सूखे चम्मच से अचार को हिलाते रहें ताकि मसाले और तेल समान रूप से मिलते रहें।
स्वाद बढ़ाने के कुछ सुझाव
कटहल का अचार पराठों, पूरी, दाल-चावल और खिचड़ी के साथ विशेष रूप से स्वादिष्ट लगता है। यदि आपको तीखा स्वाद पसंद है, तो लाल मिर्च की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। वहीं, हल्की खटास के लिए सिरके के स्थान पर नींबू का रस भी प्रयोग किया जा सकता है।
घर पर तैयार किया गया यह चटपटा कटहल का अचार न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि इसमें किसी प्रकार के कृत्रिम संरक्षक भी नहीं होते। एक बार इसे बनाकर देखिए, संभव है कि यह आपके परिवार के पसंदीदा अचारों की सूची में स्थायी स्थान बना ले।


