डेस्क : रूस द्वारा ईरान को सैन्य खुफिया जानकारी उपलब्ध कराने का दावा सामने आया है। अमेरिकी समाचार नेटवर्क एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मॉस्को ने तेहरान के साथ इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस साझा की है, जिसमें सैटेलाइट निगरानी और सिग्नल इंटेलिजेंस शामिल हैं। माना जा रहा है कि इससे ईरान अपनी वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने और सैन्य अभियानों की सटीकता बढ़ाने में सक्षम हो सकता है।
रिपोर्ट में अमेरिकी और यूरोपीय अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि रूस द्वारा उपलब्ध कराई गई खुफिया जानकारी ईरान को पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों की बेहतर पहचान करने में मदद कर सकती है। इसके अलावा, यह जानकारी ड्रोन और मिसाइल हमलों की सटीकता बढ़ाने तथा महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों की सुरक्षा में सहायक हो सकती है।
एनबीसी न्यूज के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी और एक यूरोपीय अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि मॉस्को ने तेहरान को इलेक्ट्रॉनिक खुफिया सूचनाएं उपलब्ध कराई हैं। हालांकि, रूस और ईरान दोनों ने इस रिपोर्ट पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब रूस और ईरान के बीच रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। इसी वर्ष जनवरी में दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग को लेकर एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, इस समझौते में किसी औपचारिक पारस्परिक रक्षा संधि का प्रावधान नहीं है।
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रूस और ईरान के बीच सैन्य सहयोग बढ़ा है। पश्चिमी देशों ने कई बार आरोप लगाया है कि ईरान ने रूस को यूक्रेन में इस्तेमाल के लिए ड्रोन और अन्य सैन्य उपकरण उपलब्ध कराए हैं, हालांकि दोनों देशों ने इन आरोपों से इनकार किया है।
वहीं, हाल के समय में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद रूस ने तेहरान के प्रति राजनीतिक समर्थन भी जताया है। ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग वैश्विक सुरक्षा समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।








