दुश्मनों ने ईरान को सीरिया जैसा बनाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे: पेजेश्कियान

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तेहरान :  ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बुधवार को कहा कि देश के खिलाफ बाहरी शक्तियों ने युद्ध, प्रतिबंधों और राजनीतिक दबाव के जरिए इस्लामी गणराज्य को अस्थिर करने और सत्ता से हटाने की कोशिश की, लेकिन ईरानी जनता की एकजुटता और नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व ने इन प्रयासों को विफल कर दिया।

राष्ट्र के नाम टेलीविजन संबोधन में पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान की सबसे बड़ी ताकत उसकी राष्ट्रीय एकता है। उन्होंने दावा किया कि विरोधी ताकतें ईरान के साथ वही करने की कोशिश कर रही थीं, जो सीरिया के साथ हुआ, लेकिन ईरानी जनता के धैर्य और दृढ़ संकल्प ने उनकी योजनाओं को सफल नहीं होने दिया।

पेजेश्कियान ने कहा, “दुश्मनों ने इस्लामी गणराज्य को गिराने की कोशिश की, लेकिन देश के नए सर्वोच्च नेता ने ईरान को एकजुट और मजबूत बनाए रखा।” उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान के विरोधी देश की स्वतंत्रता और प्रगति के किसी भी संकेत को स्वीकार नहीं करना चाहते।

उन्होंने कहा कि बाहरी खतरों का सामना करने के लिए ईरानियों की एकता सबसे महत्वपूर्ण कारक है। राष्ट्रपति ने कहा कि युद्ध और आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद ईरानी जनता ने देश की संप्रभुता और स्थिरता की रक्षा के लिए दृढ़ता दिखाई है।

दिवंगत सर्वोच्च नेता को दी श्रद्धांजलि

पेजेश्कियान ने ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि दिवंगत नेता ने हमेशा सरकार का समर्थन किया और विश्वास जताया कि नया नेतृत्व ईरान की संप्रभुता और स्थिरता की रक्षा जारी रखेगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत

पेजेश्कियान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं। इसी बीच रॉयटर्स ने ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी और क्षेत्रीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि ईरान और ओमान के बीच प्रस्तावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर तेहरान का नियंत्रण बनाए रखने का प्रावधान हो सकता है। हालांकि, समझौते के कई अहम बिंदुओं पर अभी बातचीत जारी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर समझौता करीब है। उन्होंने ईरान के साथ बातचीत में “काफी प्रगति” होने का दावा करते हुए कहा कि तेहरान ने बातचीत के लिए संपर्क किया है और अगले 48 घंटों में स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव

ईरानी राष्ट्रपति का बयान पश्चिम एशिया में कई महीनों से जारी तनाव की पृष्ठभूमि में आया है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था। ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई ने संकट को और गहरा कर दिया।

इसी दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया। इसके बाद ईरान की आंतरिक राजनीति और क्षेत्रीय रणनीति को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजरें बनी हुई हैं।