डेस्क : रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी के मुताबिक, उत्तर कोरिया की एक मिसाइल यूनिट पश्चिमी रूस में तैनाती की तैयारी कर रही है। इस यूनिट में करीब 90 उत्तर कोरियाई कर्मी शामिल हो सकते हैं और इसे रूस के वोरोनेझ क्षेत्र में 112वीं मिसाइल ब्रिगेड के साथ तैनात किए जाने की योजना है।
यूक्रेनी सैन्य खुफिया अधिकारी एंड्री चेर्नियाक के अनुसार, इस तैनाती में उत्तर कोरिया की ओर से करीब 120 बैलिस्टिक मिसाइलें और छह लॉन्चर शामिल हो सकते हैं। हालांकि, तैनाती का अंतिम स्वरूप और मिसाइलों की संख्या अगले महीने होने वाली शीर्ष स्तर की बातचीत में तय होने की संभावना है।
40 मिसाइलों की नई खेप रूस पहुंची
चेर्नियाक ने दावा किया कि उत्तर कोरिया ने रूस को केएन-23 और केएन-24 बैलिस्टिक मिसाइलों की करीब 40 मिसाइलों की नई खेप भेजी है। इनके साथ उत्तर कोरियाई कर्मी भी रूस पहुंचे हैं। हालांकि, इन कर्मियों की रूसी मिसाइल अभियानों में वास्तविक भूमिका क्या होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
यूक्रेनी अधिकारी का यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब रूस ने पिछले सप्ताह यूक्रेन पर दो उत्तर कोरियाई मिसाइलें दागीं। उनके मुताबिक, अगस्त 2025 के बाद यह पहली बार था जब यूक्रेन में उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई।
यूक्रेन के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
यूक्रेन पहले से ही अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों की कमी से जूझ रहा है। रूस द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल में बढ़ोतरी ने कीव की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि इन मिसाइलों को रोकना अपेक्षाकृत मुश्किल होता है।
फॉरेन पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ शोधकर्ता रॉब ली के मुताबिक, बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा यूक्रेन की सबसे बड़ी कमजोरियों में से एक है। ऐसे में रूस के पास बैलिस्टिक मिसाइलों की संख्या बढ़ने से यूक्रेन के सामने चुनौती और गंभीर हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाली सर्दियों में यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता विशेष चिंता का विषय हो सकती है। रूस पहले की तरह यूक्रेन के बिजली ढांचे को निशाना बनाकर बड़े हमले कर सकता है।
रूस-उत्तर कोरिया की बढ़ती सैन्य साझेदारी
रूस और उत्तर कोरिया के बीच सैन्य संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। वर्ष 2024 में दोनों देशों ने आपसी रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। यूक्रेनी अधिकारियों का दावा है कि उत्तर कोरिया रूस को युद्ध के लिए बड़ी मात्रा में तोपों के गोले उपलब्ध करा चुका है।
यूक्रेन का यह भी कहना है कि उत्तर कोरिया ने वर्ष 2024 में रूस के कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी सैन्य कार्रवाई का मुकाबला करने के लिए करीब 14 हजार सैनिक भेजे थे।
हालांकि, उत्तर कोरियाई मिसाइल यूनिट की रूस में प्रस्तावित तैनाती से जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। चेर्नियाक ने भी माना कि उनके दावे ऐसी खुफिया जानकारी पर आधारित हैं, जिसे संवेदनशीलता के कारण सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। रूस के रक्षा मंत्रालय और न्यूयॉर्क स्थित उत्तर कोरियाई दूतावास की ओर से भी तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
केएन-23 और केएन-24 कितनी खतरनाक?
यूक्रेनी सैन्य सूत्रों के मुताबिक, उत्तर कोरिया की केएन-23 और केएन-24 मिसाइलों की मारक क्षमता और विस्फोटक भार रूस की इस्कंदर मिसाइलों की तुलना में अधिक है, लेकिन उनकी सटीकता कम मानी जाती है।
रूस वर्ष 2023 के अंत से यूक्रेन के खिलाफ इन मिसाइलों का इस्तेमाल करता रहा है। चेर्नियाक के मुताबिक, दिसंबर 2023 से अगस्त 2025 के बीच उत्तर कोरिया ने रूस को करीब 150 ऐसी मिसाइलें उपलब्ध कराई थीं।
रूस अपनी तरफ से इस्कंदर-एम परिवार की बैलिस्टिक मिसाइलों का भी इस्तेमाल करता रहा है। यूक्रेन के लिए इन मिसाइलों को रोकना बेहद चुनौतीपूर्ण है और इसके लिए अमेरिकी निर्मित पैट्रियट जैसी उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों की जरूरत पड़ती है।
30 हजार और उत्तर कोरियाई सैनिक भेजने का दावा
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पिछले महीने दावा किया था कि क्रेमलिन उत्तर कोरिया से करीब 30 हजार और सैनिक भेजने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा था कि रूस के वोरोनेझ क्षेत्र में इन सैनिकों की संभावित तैनाती के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
यदि उत्तर कोरियाई मिसाइल यूनिट और अतिरिक्त सैन्य बल रूस में तैनात होते हैं, तो यह मॉस्को और प्योंगयांग के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाने वाला घटनाक्रम हो सकता है।








