गुरुग्राम : गुरुग्राम शहर में एक बार फिर बड़े स्तर पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू होने जा रही है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद सरकारी एजेंसियों ने इसकी तैयारी तेज कर दी है। जीएमडीए, नगर निगम, एचएसवीपी और डीटीपीई की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान चलाएंगी। सभी संबंधित एजेंसियों को 30 दिनों के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल करनी है।
सर्वोच्च न्यायालय में बुधवार को अवैध निर्माण और अतिक्रमण से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई थी। इसमें जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा और गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त प्रदीप दहिया भी मौजूद रहे। न्यायालय के आदेश के बाद गुरुवार को जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा की अध्यक्षता में सेक्टर-44 में बैठक हुई और अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सड़क से लेकर हरित क्षेत्र तक हटेंगे कब्जे
अभियान के दौरान स्थायी और अस्थायी दोनों तरह के अतिक्रमण हटाए जाएंगे। सड़क, हरित क्षेत्र, फुटपाथ और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध कब्जों और निर्माणों पर कार्रवाई होगी।
इसके अलावा रेहड़ी-पटरी, टीन शेड, छोटे खोखे, अस्थायी ढांचे और टायर मरम्मत की दुकानों को भी हटाया जाएगा। अधिकारियों को उन स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां दुकानदारों या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं।
मुख्य सड़कों के लिए 10 टीमें
जीएमडीए की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए 10 टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें सेक्टर-1 से सेक्टर-115 तक मुख्य सड़कों पर कार्रवाई करेंगी।
अभियान के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहेगा। चारों जोन के लिए सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारियों को समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।
मानेसर में भी सख्ती
मानेसर नगर निगम क्षेत्र में भी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने रेहड़ी-पटरी वालों को व्यवस्थित करने के लिए 37 स्थानों को विक्रय क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया है। इनमें 10 स्थान नगर निगम क्षेत्र और 27 स्थान हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम क्षेत्र में हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय स्थानों के अलावा सड़क, हरित पट्टी, सरकारी या निजी जमीन पर अवैध रूप से दुकान लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
भीमनगर तालाब से भी हटेंगे अवैध कब्जे
गुरुग्राम के पुराने शहर में स्थित भीमनगर के ऐतिहासिक तालाब को भी अतिक्रमण मुक्त कराने की तैयारी है। नगर निगम ने अवैध कब्जों की पहचान के लिए ड्रोन से सर्वे शुरू कर दिया है।
करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से तालाब के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण की योजना है। अतिक्रमण हटाने के बाद यहां हरित पार्क, पौधारोपण, प्रकाश व्यवस्था और लोगों के बैठने की सुविधा विकसित की जाएगी।








