14 राज्यों में बड़ा ऑपरेशन, ISI समर्थित नेटवर्क के 253 संदिग्ध हिरासत में

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डेस्क :  स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित रूप से जुड़े शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ देशव्यापी बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, 14 राज्यों में चलाए गए इस अभियान के दौरान 253 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और नेटवर्क से जुड़े मामलों में 80 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नेटवर्क की गतिविधियों पर कार्रवाई कर संभावित आतंकी साजिश को विफल किया है। उन्होंने इसे आतंकवाद के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया।

कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई

सुरक्षा एजेंसियों ने शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों और उनके ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। जांच एजेंसियों के निशाने पर ऐसे लोग भी रहे, जिन पर नेटवर्क के लिए कथित तौर पर लॉजिस्टिक सहायता, निगरानी और अन्य गतिविधियों में शामिल होने का संदेह था।

अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई का प्रमुख उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के दौरान किसी भी संभावित आतंकी या विध्वंसक गतिविधि को रोकना और नेटवर्क के जमीनी संपर्कों को तोड़ना था।

हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद

अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने आईईडी, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और ग्रेनेड समेत कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद किए जाने की जानकारी दी है। जांच में पाकिस्तान से जुड़े संभावित संपर्कों और नेटवर्क को उपलब्ध कराई जा रही मदद के पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियां अब हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनके संपर्कों का पता लगाने में जुटी हैं। अधिकारियों का मानना है कि कार्रवाई से नेटवर्क की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है।

स्वतंत्रता दिवस से पहले बढ़ाई गई सतर्कता

स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर देशभर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी है। ऐसे में 14 राज्यों में एक साथ हुई कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और खुफिया इनपुट पर त्वरित कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

जांच एजेंसियां अब बरामद सामग्री, डिजिटल साक्ष्यों और संदिग्धों के संपर्कों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी हैं कि नेटवर्क की गतिविधियां कितने राज्यों तक फैली हुई थीं और इसके पीछे कौन-कौन से लोग सक्रिय थे।