डेस्क : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी नियुक्तियां परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले से प्रभावित हुई थीं।
राज्य सरकार ने कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आरोपों के बाद कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था। इसके खिलाफ प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी।
नियुक्त अभ्यर्थियों को ड्यूटी पर लौटने का निर्देश
हाईकोर्ट ने झारखंड लोक सेवा आयोग की ग्यारहवीं और तेरहवीं सिविल सेवा परीक्षा तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी परीक्षा से संबंधित नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर भी रोक लगाई है। अदालत ने प्रभावित कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी पर वापस लौटने का निर्देश दिया है।
४४ भर्ती परीक्षाएं रद्द करने का था फैसला
झारखंड सरकार ने हाल ही में ४४ भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। इनमें झारखंड लोक सेवा आयोग, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग और अन्य माध्यमों से आयोजित परीक्षाएं शामिल थीं। रद्द की गई परीक्षाओं में उप समाहर्ता, सहायक प्राध्यापक, औषधि निरीक्षक, सिविल न्यायाधीश, सहायक अभियंता और वन क्षेत्र पदाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों की परीक्षाएं भी शामिल थीं।
सरकार की ओर से इन परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए समिति गठित करने की बात कही गई थी।
छात्रों के आंदोलन के बाद लिया गया था फैसला
भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर झारखंड में छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। छात्रों की मांगों के बीच राज्य सरकार ने परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था। सरकार के इस फैसले के बाद सफल अभ्यर्थियों के सामने नियुक्ति को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी।
अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत मिली है। हालांकि परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और सरकार के फैसले पर अंतिम स्थिति अदालत में आगे होने वाली सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।








