स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 के दूसरे दौर में शनिवार को नीदरलैंड के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की राह मुश्किल हो गई है। हालांकि टीम अभी पूरी तरह प्रतियोगिता से बाहर नहीं हुई है।
भारत के पास विश्व कप के 50 साल से अधिक पुराने इतिहास में पहली बार नीदरलैंड को हराने का मौका था, लेकिन टीम इस मौके को भुना नहीं सकी। दोनों टीमों के बीच विश्व कप में इससे पहले भी कई मुकाबले हुए हैं, लेकिन भारत को डच टीम के खिलाफ जीत नहीं मिली है।
सेमीफाइनल की राह हुई मुश्किल
भारत ने टूर्नामेंट के पहले चरण में वेल्स को 3-1 से हराया था, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ उसे 2-4 से हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5-3 से जीत दर्ज कर दूसरे दौर में जगह बनाई थी।
दूसरे दौर में इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच का नतीजा भी भारत के लिए अनुकूल नहीं रहा था। ऐसे में नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबला सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए बेहद अहम था। हार के बाद अब भारत को अपने अगले मुकाबले में अर्जेंटीना के खिलाफ हर हाल में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
नीदरलैंड का दबदबा जारी
मेजबान नीदरलैंड ने मुकाबले में शुरुआत से ही भारत पर दबाव बनाए रखा। डच टीम ने अपने आक्रमण और रक्षात्मक संयोजन का प्रभावी इस्तेमाल किया। भारत ने कई मौकों पर वापसी की कोशिश की, लेकिन नीदरलैंड की मजबूत रक्षा को भेदने में उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
भारतीय टीम ने मुकाबले के दौरान कुछ अच्छे मौके बनाए, लेकिन गोल में तब्दील करने में नाकाम रही। नीदरलैंड ने अपनी बढ़त बनाए रखते हुए मुकाबला 3-1 से अपने नाम कर लिया।
भारत अब 24 अगस्त को अर्जेंटीना के खिलाफ दूसरे दौर का अहम मुकाबला खेलेगा। सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण होगा।








