स्पोर्ट्स डेस्क : एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। भारत और पाकिस्तान समेत कई क्रिकेट बोर्ड पिच, ड्रेसिंग रूम और खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, होटल के कमरों में खिलाड़ियों के किट बैग रखने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।
जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स में क्रिकेट मुकाबले 17 सितंबर से शुरू होने हैं। क्रिकेट मैच निशिन स्थित कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले जाएंगे। इस मैदान को हाल ही में बेसबॉल ग्राउंड से क्रिकेट मैदान में तब्दील किया गया है। हालांकि, मैदान की सुविधाओं और पिच की गुणवत्ता को लेकर क्रिकेट बोर्डों की चिंता सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, मैदान पर हाइब्रिड पिच तैयार की गई है। इस पिच का इस्तेमाल मई में हुए एक टूर्नामेंट के दौरान किया गया था, लेकिन इसके बाद ज्यादा मुकाबलों में इसका परीक्षण नहीं हुआ है। एक सूत्र ने पिच की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मैदान को काफी सामान्य स्तर का बताया है। मैदान में क्रिकेट के अनुरूप स्थायी ड्रेसिंग रूम की सुविधा भी नहीं है।
पीसीबी ने सबसे पहले उठाया मुद्दा
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एशियन क्रिकेट काउंसिल की बैठक में सुविधाओं का मुद्दा सबसे पहले उठाया था। इसके बाद भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान समेत अन्य सदस्य देशों के बीच इस विषय पर चर्चा हुई। तय किया गया है कि एसीसी अपने प्रतिनिधियों को आयोजन स्थल और खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था का जायजा लेने के लिए भेजेगा।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भी भारतीय ओलंपिक संघ और एशियन गेम्स की आयोजन समिति के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं। आयोजन स्थल से जुड़े अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खेलों के तकनीकी पहलुओं में उनकी सीधी भूमिका नहीं है और बीसीसीआई को आयोजन समिति से इस संबंध में बातचीत करने की सलाह दी गई है।
होटल भी आयोजन स्थल से करीब 20 किलोमीटर दूर
खिलाड़ियों के ठहरने को लेकर भी बोर्डों की चिंता है। क्रिकेटरों को आयोजन स्थल से करीब 20 किलोमीटर दूर नागोया के होटलों में ठहराया जाएगा। एशियन गेम्स में पारंपरिक एथलीट विलेज की व्यवस्था नहीं की गई है। करीब 15 हजार प्रतिभागियों के लिए क्रूज लाइनर, गेम्स विला और होटलों को आवास के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
एशियन गेम्स में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे देशों के प्रमुख पुरुष और महिला क्रिकेटर हिस्सा लेने वाले हैं। ऐसे में टूर्नामेंट शुरू होने से पहले सुविधाओं को लेकर उठे सवाल आयोजकों के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।








