स्पोर्ट्स डेस्क: दलीप ट्रॉफी 2026 के क्वार्टर फाइनल में वेस्ट जोन को 52 रन से हराने के बाद नॉर्थ जोन के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने रेड-बॉल क्रिकेट को लेकर अपनी दिल की बात साझा की। करीब एक साल बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लौटे अर्शदीप ने कहा कि उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के बहुत कम मौके मिलते हैं और इस मुकाबले में वह अपनी गेंदबाजी को परखना चाहते थे।
अर्शदीप ने मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में 3 विकेट और दूसरी पारी में 1 विकेट हासिल किया। उनकी टीम नॉर्थ जोन ने वेस्ट जोन को 52 रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
मैच के बाद अर्शदीप ने कहा कि वह देखना चाहते थे कि लंबे प्रारूप में वह कितने ओवर गेंदबाजी कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत कम मौकों पर लाल गेंद की क्रिकेट खेलने का चांस मिलता है। मैं अपनी स्किल्स दिखाना चाहता था और यह देखना चाहता था कि मैं कितने ओवर गेंदबाजी कर सकता हूं। काफी समय बाद लाल गेंद से मैच खेला। मैंने अभ्यास में काफी घंटे लगाए थे और अच्छा लगा। शरीर में दर्द है, लेकिन यह अच्छा दर्द है क्योंकि हम मैच जीत गए।”
तीनों फॉर्मेट में खेलना चाहते हैं अर्शदीप
अर्शदीप ने कहा कि हर खिलाड़ी तीनों प्रारूपों में देश का प्रतिनिधित्व करना चाहता है और वह भी टेस्ट क्रिकेट खेलने का सपना रखते हैं। उन्होंने अभी तक भारत के लिए 18 वनडे और 91 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका पदार्पण नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि उनकी ट्रेनिंग आने वाले क्रिकेट सीजन के हिसाब से बदलती है। दलीप ट्रॉफी से पहले उन्होंने रेड-बॉल से अभ्यास किया, जबकि सीमित ओवरों का सीजन आने पर वह सफेद गेंद के साथ तैयारी करते हैं।
रेड-बॉल क्रिकेट की यही खूबसूरती
अर्शदीप के मुताबिक रेड-बॉल क्रिकेट में गेंदबाज को लगातार मुकाबले में बने रहने का मौका मिलता है। अगर पहला स्पेल अच्छा नहीं जाता तो दूसरे स्पेल में वापसी कर विकेट लेने का अवसर रहता है। यही लंबे प्रारूप की उन्हें सबसे खास बात लगती है।
नॉर्थ जोन की जीत के बाद अब अर्शदीप की नजर सेमीफाइनल मुकाबले पर है। उनके प्रदर्शन ने टेस्ट टीम में जगह बनाने की दावेदारी को भी एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।








