भारत-अमेरिका साझेदारी पर मंथन, रक्षा-व्यापार और तकनीक सहयोग पर जोर

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डेस्क : भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य बिल हुइजेंगा के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। बातचीत में रक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय परिस्थितियों से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी की दक्षिण एवं मध्य एशिया संबंधी उपसमिति के अध्यक्ष बिल हुइजेंगा के साथ उपयोगी बातचीत की। दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका साझेदारी से जुड़े हालिया घटनाक्रम और इसमें हुई प्रगति पर विचार साझा किए।

क्वात्रा ने अमेरिकी सांसद को ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते सहयोग की भी जानकारी दी। उन्होंने ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने और क्षेत्रीय मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बढ़ते संवाद को महत्वपूर्ण बताया।

भारतीय राजदूत ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में जारी द्विदलीय समर्थन के लिए हुइजेंगा का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में दोनों दलों का समर्थन द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अमेरिकी राज्यों के साथ भी बढ़ रहा सहयोग

भारत-अमेरिका संबंधों को व्यापक स्तर पर मजबूत करने के प्रयासों के तहत क्वात्रा ने हाल के दिनों में कई अमेरिकी राज्यों के नेताओं और कारोबारियों के साथ भी बैठकें की हैं। अगस्त में उन्होंने मोंटाना के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्टे के साथ भारत और मोंटाना के बीच मौजूदा संबंधों तथा भविष्य में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की थी।

इसके अलावा क्वात्रा ने जॉर्जिया के गवर्नर ब्रायन केम्प से भी मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच भारत-जॉर्जिया व्यापार एवं निवेश साझेदारी को विस्तार देने के साथ कारोबार, नवाचार और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

दक्षिण-पूर्वी अमेरिका के कारोबारियों के साथ बातचीत में भी क्वात्रा ने भारत के तेजी से बढ़ते विनिर्माण और नवाचार क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की बढ़ती भूमिका और अमेरिकी कंपनियों के लिए निवेश के अवसरों पर जोर दिया।

इन लगातार हो रही उच्चस्तरीय बैठकों से संकेत मिलता है कि भारत और अमेरिका रक्षा एवं व्यापार के साथ ऊर्जा, तकनीक, निवेश, शिक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में भी अपनी साझेदारी को व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।