डेस्क : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि पानी पूरे क्षेत्र की ‘जीवन-रेखा’ है और इसका इस्तेमाल किसी देश पर दबाव बनाने या राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उनका यह बयान सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े विवाद के बीच आया है।
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि दक्षिण एशिया और आसपास का क्षेत्र स्थायी शांति के बिना अपनी पूरी क्षमता हासिल नहीं कर सकता। सिंधु जल संधि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि साझा जल संसाधन लाखों लोगों के जीवन, कृषि और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़े हैं।
शरीफ ने कहा कि पानी को कभी हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि साझा जल संसाधनों से संबंधित संधियां गंभीर और बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं हैं और इन्हें राजनीतिक सुविधा के आधार पर एकतरफा तरीके से दरकिनार नहीं किया जा सकता।
भारत ने पहलगाम हमले के बाद स्थगित की थी संधि
भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत ने इसे पाकिस्तान के खिलाफ की गई व्यापक कूटनीतिक कार्रवाई का हिस्सा बताया था।
इसी विवाद के बीच स्थायी मध्यस्थता अदालत ने भारत के सिंधु जल संधि को स्थगित करने के फैसले पर टिप्पणी की थी। भारत ने अदालत के आदेश को खारिज करते हुए कहा है कि यह संस्था ‘गैर-कानूनी तरीके से गठित’ है और उसे भारत के संप्रभु फैसलों पर निर्णय देने का अधिकार नहीं है।
पाकिस्तान ने हेग की अदालत का रुख किया
पाकिस्तान ने इस वर्ष मार्च में हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता अदालत का रुख किया था। उसका उद्देश्य सिंधु जल संधि की स्थिति को लेकर अपना पक्ष रखना था। भारत ने हालांकि इस प्रक्रिया और अदालत के अधिकार क्षेत्र पर ही सवाल उठाए हैं।
आतंकवाद को बताया गंभीर खतरा
एससीओ सम्मेलन में शरीफ ने आतंकवाद को भी क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद ने पूरे क्षेत्र को अलग-अलग रूपों में प्रभावित किया है और इससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
शरीफ ने अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान पाकिस्तान की ओर से मध्यस्थता के प्रयासों का भी उल्लेख किया। सम्मेलन के दौरान उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत हुई। उन्हें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयप एर्दोआन के साथ भी देखा गया।
इसके अलावा शरीफ ने ईरान, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और बेलारूस के राष्ट्राध्यक्षों के साथ अनौपचारिक मुलाकातें कीं।
पाकिस्तान 2026-27 के लिए एससीओ की राष्ट्राध्यक्ष परिषद की अध्यक्षता संभालेगा। अगले वर्ष होने वाले परिषद के शिखर सम्मेलन की मेजबानी इस्लामाबाद में प्रस्तावित है।









