डेस्क : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में एक हिस्ट्रीशीटर को गोली मार दी गई। घटना चौरीचौरा क्षेत्र के खैराबाद गांव स्थित डूडी चौराहे की है। घायल हिस्ट्रीशीटर की पहचान महदेवा जंगल निवासी दुर्गेश चौधरी के रूप में हुई है। उसके हाथ और पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, खोराबार क्षेत्र के डांगीपार निवासी अतुल ने डूडी गांव निवासी रतन लाल चौधरी से एक लाख रुपये लिए थे। रकम वापस नहीं करने पर बुधवार रात गांव के कुछ युवक अतुल को लेकर डूडी गांव पहुंचे। वहां दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद शुरू हो गया।
इसी दौरान अतुल का सहयोगी दुर्गेश चौधरी भी मौके पर पहुंच गया। विवाद बढ़ने पर किसी व्यक्ति ने दुर्गेश को गोली मार दी। गोली लगने से वह घायल होकर गिर पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल पहुंचाया।
हमलावरों की तलाश में पुलिस की दबिश
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में डूडी गांव के कुछ युवकों के घटना में शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस की टीमें संदिग्ध आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच के बाद घटना में शामिल लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व प्रधान की हत्या में भी आरोपी रहा है दुर्गेश
गोली लगने से घायल दुर्गेश चौधरी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह महदेवा जंगल के पूर्व प्रधान मनोज यादव की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता बताया गया था।
अगस्त 2015 में हुई इस हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। शुरुआती दौर में इसे राजनीतिक रंजिश से जोड़कर देखा गया था, लेकिन बाद की जांच में जमीन के कारोबार और करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़े विवाद का पहलू सामने आया था। पुलिस के अनुसार, इसी मामले में दुर्गेश पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा था।
फिलहाल रुपये के लेनदेन को लेकर हुई गोलीबारी की जांच जारी है और पुलिस हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।








