पुलिस की कार्रवाई से भड़के हुमायूं कबीर, अब सिर्फ डिजिटल प्रचार

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डेस्क : पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है। क्षेत्र में लगातार हो रही गिरफ्तारियों और पुलिस की कार्रवाई से नाराज आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने चुनाव प्रचार से पूरी तरह दूरी बनाने का बड़ा ऐलान कर दिया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि पार्टी अब जमीन पर उतरने के बजाय सिर्फ सोशल मीडिया के जरिए ही जनता से संपर्क साधेगी।

गौरतलब है कि रेजीनगर सीट से हुमायूं कबीर के त्यागपत्र देने के बाद ही यहां उपचुनाव की नौबत आई है। इस सीट से AJUP ने कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी प्रमुख के फैसले का समर्थन करते हुए आजाद ने कहा कि पार्टी हित में लिया गया यह निर्णय उन पर और सभी कार्यकर्ताओं पर समान रूप से लागू होता है।

पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप

गठबंधन और पार्टी नेताओं की गिरफ्तारियों पर कड़ा एतराज जताते हुए हुमायूं कबीर ने पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद पुलिस चुन-चुनकर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। कबीर के अनुसार, “लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। अब तक रेजीनगर और शक्तिपुर थानों की पुलिस हमारे चार प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके विरोध में हमने और हमारे उम्मीदवार गुलाम नबी आजाद ने मैदानी प्रचार से हटने का फैसला किया है।”

हाल ही में हुई AJUP नेता और पूर्व सैन्यकर्मी नसीम शेख की गिरफ्तारी पर कबीर ने कहा कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। इसके अलावा, निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने वाले सैफुल इस्लाम को भी 2021 के एक पुराने हिंसा मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिनके तार भी AJUP से जुड़े बताए जा रहे हैं।

भड़काऊ भाषण मामले में पुलिस की सख्त कार्रवाई

दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये गिरफ्तारियां कानून के तहत की जा रही हैं। शनिवार रात मियांग्राम से गिरफ्तार किए गए नसीम शेख पर मई माह में शक्तिपुर में आयोजित एक कार्यकर्ता बैठक के दौरान पुलिस के खिलाफ भड़काऊ और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सात मई की घटना के संबंध में हुमायूं कबीर समेत कई अन्य नेताओं पर मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान नसीम शेख की संलिप्तता पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

नंदीग्राम में कांग्रेस का भी गंभीर आरोप

सियासी घमासान सिर्फ रेजीनगर तक सीमित नहीं है। नंदीग्राम सीट पर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उनके उम्मीदवार मिलन प्रधान और वरिष्ठ नेता सुभाशीष भट्टाचार्य को पुलिस ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से गिरफ्तार किया है।

कांग्रेस नेतृत्व का दावा है कि मिलन प्रधान 2007 के ऐतिहासिक नंदीग्राम आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे हैं और सफल नामांकन के तुरंत बाद राजनीतिक दबाव में यह कार्रवाई की गई है। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया को विरोधी दलों की साजिश करार दिया है।

उपचुनाव की तारीखों के करीब आते ही लगातार होती गिरफ्तारियों और राजनीतिक दलों द्वारा प्रचार के बहिष्कार से दोनों विधानसभा क्षेत्रों का चुनावी समीकरण पूरी तरह गरमा गया है।