डेस्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में शनिवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान पर तीखा निशाना साधते हुए उसे आतंकवाद का लगातार इस्तेमाल करने वाला देश बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को सामान्य बनाने और उसके परिणामों से बचने की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। जयशंकर ने यह टिप्पणी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के एक दिन पहले दिए गए संबोधन के संदर्भ में की।
जयशंकर ने बिना पाकिस्तान का नाम लिए कहा कि एक ऐसे देश ने महासभा के सामने तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया, जो लगातार आतंकवाद का अभ्यास करता रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को सामान्य बनाने और उसके परिणामों से बचने के लिए तर्क दिए गए, लेकिन भारत आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के अपने अधिकार का इस्तेमाल करेगा।
उन्होंने कहा, “मित्रता और सद्भाव आतंकवाद के साथ सह-अस्तित्व में नहीं रह सकते। आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पक्ष को अपना रास्ता बदलना होगा।” जयशंकर ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद समाप्त होने के बाद ही संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
आतंकवाद वैश्विक शांति के लिए खतरा
विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद लंबे समय से वैश्विक शांति के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जब आतंकवाद को किसी राज्य का समर्थन हासिल हो और उसका इस्तेमाल सीमा पार उद्देश्यों के लिए किया जाए, तो यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती बन जाता है।
जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद में शामिल सरकारों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और आतंकवाद के प्रति वैश्विक स्तर पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने आतंकवाद के वित्तीय नेटवर्क को उजागर करने और उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
शहबाज शरीफ ने ऑपरेशन सिंदूर को बताया था ‘बाहरी आक्रमण’
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने UNGA संबोधन में मई में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव का जिक्र किया था। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को “झूठे बहाने” के आधार पर किया गया “बाहरी आक्रमण” बताया और पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा का अधिकार करार दिया।
शरीफ ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर और पाकिस्तानी सशस्त्र बलों की भी प्रशंसा की। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने भारतीय हमलों को विफल किया और भारत को ऐसा सबक सिखाया जिसे वह कभी नहीं भूलेगा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ऑपरेशन सिंदूर को रोकने में “समय पर हस्तक्षेप” के लिए धन्यवाद भी दिया। इसके बाद ट्रंप ने शरीफ के भाषण का 87 सेकंड का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर साझा किया।
पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। पहलगाम हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी। भारत ने इसके जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने की बात कही थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस दावे को भारत पहले ही खारिज कर चुका है, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को रोकने में अपनी भूमिका का उल्लेख किया था। नई दिल्ली के अनुसार, सैन्य कार्रवाई को रोकने का फैसला पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) की ओर से भारतीय DGMO से संपर्क किए जाने के बाद हुआ था।








