‘वोट चोरी’ के दावे पर चिदंबरम की अलग राय, एसआईआर को लेकर बोले- मुझे नहीं लगता…

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नई दिल्ली :  मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच जारी विवाद के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने बड़ा बयान दिया है। चिदंबरम ने कहा कि मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाना गलत है और जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें सूची में वापस शामिल किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केवल मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को किसी चुनाव के नतीजे का एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता।

चिदंबरम ने कहा कि चुनाव में मतों की कथित हेराफेरी के विपक्ष के आरोपों को प्रमाणित करने के लिए ठोस प्रमाण सामने रखने होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में अनियमितता और चुनाव परिणाम के बीच सीधा संबंध स्थापित करना अलग-अलग विषय हैं।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग

एसआईआर को लेकर जारी विवाद के बीच चिदंबरम ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य निर्वाचन आयुक्त इस्तीफा नहीं देते हैं तो आगे की रणनीति कांग्रेस कार्य समिति और विपक्षी गठबंधन की बैठकों में तय की जाएगी।

उन्होंने कहा कि आगे न्यायालय का रुख करने अथवा संसद में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।

चुनाव आयोग को लेकर उठाए सवाल

चिदंबरम ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। उनके अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर न हो।

उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग का भी उल्लेख किया। चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस की ओर से उठाए गए मुद्दों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

दोबारा चुनाव की संभावना से किया इनकार

चिदंबरम ने उन निर्वाचन क्षेत्रों में दोबारा चुनाव कराने की संभावना से भी इनकार किया जहां मतदान पहले ही हो चुका है। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रावधानों के तहत संपन्न हो चुके चुनावों को केवल मतदाता सूची से जुड़े विवाद के आधार पर दोबारा कराना आसान नहीं है।

उन्होंने एसआईआर को तत्काल रोकने और जिन राज्यों में मतदाता सूची से नाम हटाए गए हैं, वहां पात्र मतदाताओं के नाम फिर से शामिल करने की मांग की।

एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठाती रही है। वहीं, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत की जाती है।