डेस्क : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर कहा है कि दोनों देशों के रिश्तों में कुछ चुनौतियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि भारत के लिए सीमा पार से होने वाला आतंकवाद एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण सुरक्षा मुद्दा है। यदि भारत के साझेदार उसकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को पर्याप्त रूप से नहीं समझते हैं, तो इसका असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है।
न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत कई दशकों से पड़ोसी देश से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद का सामना करता आया है। ऐसे में भारत की सुरक्षा चिंताओं को लेकर उसके साझेदार देशों की समझ और संवेदनशीलता महत्वपूर्ण है।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों में व्यापार और शुल्क का मुद्दा भी चुनौतीपूर्ण रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि भारत की बड़ी अर्थव्यवस्था में छोटे उत्पादकों, किसानों और विभिन्न उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए व्यापार से जुड़े फैसलों में इन वर्गों के हितों को ध्यान में रखना जरूरी है।
संबंधों को बेहतर बनाने की उम्मीद
जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंधों को आगे बेहतर दिशा में ले जाने की उम्मीद है। हालांकि इसके लिए दोनों देशों को मौजूदा मुद्दों को समझना और उनका समाधान तलाशना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि भारत की सुरक्षा चिंताओं की अनदेखी द्विपक्षीय संबंधों के लिए चुनौती बन सकती है।
बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही दुनिया
विदेश मंत्री ने बदलती वैश्विक व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है और देश एक साथ कई देशों के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ा रहे हैं। भारत भी लंबे समय से अपनी रणनीतिक स्वायत्तता के तहत विभिन्न देशों के साथ संबंध बनाए रखता आया है।
जयशंकर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधी बातचीत जारी है तथा पाकिस्तान से जुड़े आतंकवाद के मुद्दे पर भारत अपनी सुरक्षा चिंताओं को लगातार प्रमुखता देता रहा है।








