डेस्क : देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार आज, 18 सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात समेत कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 18 से 23 सितंबर के बीच पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में आज भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
यूपी और राजस्थान में भी बारिश के आसार
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आज बारिश होने की संभावना है। वहीं पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान के कई हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां बनने लगी हैं, हालांकि पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर अभी जारी रह सकता है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में आज गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में कल, 19 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है।
गुजरात और पश्चिमी तट पर तेज हवाओं का अनुमान
गुजरात क्षेत्र में आज और कल बारिश होने के आसार हैं। गुजरात, कोंकण-गोवा और सौराष्ट्र-कच्छ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
दक्षिण भारत में भी बारिश की संभावना
तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे और लक्षद्वीप में आज भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में भी तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर में छाए रहेंगे बादल
दिल्ली-एनसीआर में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम में बदलाव के चलते तापमान में भी मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण आज शाम तक उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से कल, 19 सितंबर की शाम तक उत्तरी अंडमान सागर के आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।








