यूसीसी को लेकर बढ़ी सियासी तकरार, ओपी राजभर ने विपक्ष को घेरा

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लखनऊ :  उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का उदाहरण देते हुए विपक्षी नेताओं से पूछा कि सीएए लागू होने के बाद कितने मुसलमानों को देश से बाहर किया गया।

राजभर ने कहा कि सीएए को लेकर विपक्षी दलों ने लगातार यह दावा किया था कि यह कानून मुसलमानों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सीएए लागू हुए तीन वर्ष हो चुके हैं, इसलिए अब यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि इस कानून के कारण कितने मुसलमानों को देश से बाहर निकाला गया। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी, अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बयानों का भी उल्लेख किया।

राजभर ने यूसीसी के विरोध को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह सीएए को लेकर सवाल उठाए गए थे, उसी तरह अब यूसीसी का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने इसे विपक्ष की ओर से किया जा रहा विरोध बताया।

वक्फ संपत्तियों को लेकर भी आरोप

राजभर ने वक्फ संपत्तियों के मुद्दे पर भी विपक्षी दलों पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पिछली सपा, बसपा और कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में करोड़ों रुपये मूल्य की वक्फ संपत्तियां कम कीमत पर दी गईं और कुछ संपत्तियों पर होटल तथा मॉल बनाए गए। उन्होंने कहा कि अब इन संपत्तियों को ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज किए जाने की व्यवस्था से ऐसे मामलों में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया जा रहा है।

अखिलेश यादव के आरोपों पर पलटवार

राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से एक्सप्रेसवे, सरकारी नौकरियों, वक्फ संपत्ति, ऑनलाइन भुगतान और कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को वर्तमान सरकार के विकास कार्यों के साथ अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों की स्थिति पर भी बात करनी चाहिए। उन्होंने सड़कों को लेकर कहा कि समय के साथ सड़कों का खराब होना सामान्य है और जरूरत पड़ने पर संबंधित ठेकेदार से दोबारा निर्माण कराया जाता है।

इससे एक दिन पहले अखिलेश यादव ने यूसीसी को लेकर भाजपा की पहल की आलोचना की थी। उन्होंने सरकार से यूसीसी पर आगे बढ़ने से पहले अपने पुराने चुनावी वादों को पूरा करने की मांग की थी। अखिलेश ने रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और अन्य मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही थी।