आरबीआई का नया डेटा सेंटर डिजिटल भुगतान को देगा मजबूती, निर्मला सीतारमण ने बताई अहमियत

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डेस्क : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई ) का नया डेटा सेंटर देश की महत्वपूर्ण डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। ओडिशा के भुवनेश्वर में स्थापित यह सुविधा रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) जैसी महत्वपूर्ण बैंकिंग प्रणालियों की क्षमता बढ़ाने में सहायक होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भुवनेश्वर में आरबीआई के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

डिजिटल बैंकिंग के लिए मजबूत होगा बुनियादी ढांचा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नए परिसर के माध्यम से RBI की महत्वपूर्ण भुगतान प्रणालियों के लिए देश के भीतर डेटा सेंटर की क्षमता में विस्तार होगा। डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते दायरे को देखते हुए सुरक्षित और भरोसेमंद तकनीकी बुनियादी ढांचे की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।

RTGS और NEFT बैंकिंग प्रणाली के जरिए धन हस्तांतरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन प्रणालियों के संचालन के लिए मजबूत तकनीकी व्यवस्था देश की वित्तीय प्रणाली की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

सीतारमण ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार डेटा सेंटर क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत कदम उठा रही है। वर्ष 2022 में डेटा सेंटर को बुनियादी ढांचे का दर्जा दिया गया था। इसके अलावा, केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत स्थित डेटा सेंटर से वैश्विक क्लाउड सेवाएं उपलब्ध कराने वाली विदेशी कंपनियों के लिए कर संबंधी प्रोत्साहन की घोषणा की गई है।

साइबर सुरक्षा को मिलेगी नई दिशा

नए डेटा सेंटर के साथ स्थापित साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान भी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य RBI के अधिकारियों के साथ-साथ बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा तथा आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में प्रशिक्षित करना है।

तेजी से बढ़ते डिजिटल लेनदेन के दौर में ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर हमलों और डेटा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां वित्तीय संस्थानों के लिए गंभीर विषय बन गई हैं। ऐसे में विशेषज्ञ प्रशिक्षण, तकनीकी अनुसंधान और साइबर सुरक्षा संबंधी क्षमताओं का विकास वित्तीय सेवाओं को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद कर सकता है।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी नए केंद्र को केंद्रीय बैंक की महत्वपूर्ण वित्तीय प्रणालियों की सुरक्षा, क्षमता और मजबूती बढ़ाने की दिशा में अहम बताया। प्रशिक्षण संस्थान में साइबर सुरक्षा के साथ डेटा साइंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों से जुड़े कौशल विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।

डिजिटल भुगतान के विस्तार के बीच अहम पहल

भारत में UPI और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों के विस्तार ने बैंकिंग सेवाओं को आम लोगों, छोटे कारोबारियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में भुगतान प्रणालियों का निर्बाध संचालन और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना वित्तीय क्षेत्र की प्राथमिकताओं में शामिल है।

आरबीआई का नया डेटा सेंटर देश की महत्वपूर्ण बैंकिंग और भुगतान प्रणालियों के लिए तकनीकी क्षमता बढ़ाने में योगदान देगा। इससे डिजिटल वित्तीय सेवाओं की विश्वसनीयता और निरंतरता को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, भुवनेश्वर में डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना भारत के डिजिटल वित्तीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका दीर्घकालिक महत्व सुरक्षित डिजिटल भुगतान, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वित्तीय क्षेत्र में साइबर सुरक्षा क्षमताओं के विकास से जुड़ा है।