वोकल फॉर लोकल’ से वैश्विक बाजार तक पहुंच रहे भारतीय उत्पाद: प्रधानमंत्री मोदी

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डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 139वें एपिसोड में कहा कि देश में स्वदेशी उत्पादों के प्रति बढ़ता रुझान भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान के माध्यम से किसानों और ग्रामीण कारीगरों के लिए दुनिया के नए बाजार खुल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आगामी दीपावली और छठ पर्व के अवसर पर लोगों से स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहुंच के उदाहरण देते हुए बताया कि बिहार के पूर्णिया का मखाना अब ग्रीस तक पहुंच रहा है, जबकि कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव के बाजार में अपनी जगह बना रही है। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां भारतीय किसानों के लिए नए अवसरों के खुलने का संकेत हैं।

जनजातीय उत्पादों को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के जनजातीय समुदायों की सराहना करते हुए कहा कि वे पारंपरिक कला और आधुनिक बाजार की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर रहे हैं। ‘शबरी नेचुरल्स’ के माध्यम से शहद, महुआ, चिर और बांस से बने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाया जा रहा है। इन उत्पादों की पैकेजिंग पर जनजातीय कला की झलक दिखाई देती है। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस पैकेजिंग को जापान के प्रतिष्ठित ‘गुड डिजाइन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है।

उन्होंने खादी और हस्तशिल्प क्षेत्र की बढ़ती लोकप्रियता का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि खादी के प्रति लोगों का बढ़ता आकर्षण देश के कुशल कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद कर रहा है।

त्योहारों पर स्वदेशी उत्पाद खरीदने की अपील

दीपावली और छठ के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने नागरिकों से खरीदारी करते समय स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोगों की छोटी-छोटी पहल भी स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहित कर सकती है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती दे सकती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान जितना आगे बढ़ेगा, आत्मनिर्भर भारत का सपना उतनी ही तेजी से साकार होगा।

स्वच्छता अभियान में भागीदारी का आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी ने दीपावली और छठ पर्व से पहले स्वच्छता के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं। नागरिकों को अपने आसपास के स्थानों को साफ रखने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही आसपास के वातावरण में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

12 वर्षों की यात्रा को बताया जनभागीदारी का उत्सव

प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 12 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि विजयादशमी के शुभ अवसर पर शुरू हुआ यह कार्यक्रम लगातार जारी है। इस यात्रा में श्रोताओं ने सहयात्री और मार्गदर्शक की भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से उन्हें देश के आम नागरिकों की मेहनत, साहस, समर्पण और सेवा भावना को सामने लाने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री ने देश की सदियों पुरानी तीर्थयात्रा परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके लिए ‘मन की बात’ भी एक तीर्थयात्रा की तरह है, जिसके माध्यम से वे देशवासियों के प्रयासों को करीब से समझते हैं और उनके योगदान को सम्मान देते हैं।

कार्यक्रम को देश के विभिन्न हिस्सों में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने सुना। ओडिशा के भुवनेश्वर में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कार्यक्रम सुना, जबकि झारखंड की राजधानी रांची में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और भाजपा नेता नितिन नवीन सहित अन्य नेताओं ने स्थानीय लोगों के साथ प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।