जालंधर : पंजाब के जालंधर में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने अमेरिका में कथित लाभ धोखाधड़ी के मामले में वांछित भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक मंजीत सिंह बेदी को गिरफ्तार किया है। बेदी का नाम अमेरिका की एफबीआई की ‘मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स’ सूची में शामिल था।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के अनुसार, बेदी पर अमेरिका के सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (SNAP) से जुड़े करीब 6 लाख अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस के मुताबिक वह कानून से बचने के लिए अप्रैल 2026 में कनाडा के रास्ते भारत आया था।
अमेरिका में किराना स्टोर चलाता था बेदी
मंजीत सिंह बेदी भारत में जन्मा और बाद में अमेरिकी नागरिक बना। वह अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य के टैकोमा में एशियन ग्रोसरी स्टोर नाम से किराना दुकान चलाता था।
अमेरिकी जांच एजेंसियों के आरोप के मुताबिक, बेदी SNAP योजना के लाभार्थियों के इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर यानी ईबीटी कार्ड का इस्तेमाल कर कथित तौर पर धोखाधड़ी करता था। आरोप है कि ग्राहकों को खाद्य सामग्री देने के बजाय उनके कार्ड स्वाइप कर उन्हें नकद राशि दी जाती थी और लेनदेन की करीब आधी रकम वह खुद रख लेता था।
करीब 5.66 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
एफबीआई के मुताबिक यह कथित धोखाधड़ी मार्च 2024 से जून 2025 के बीच जारी रही। अमेरिकी अधिकारियों ने बेदी पर लगभग 6 लाख डॉलर, यानी करीब 5.66 करोड़ रुपये, के सरकारी लाभों से जुड़ी धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
उसके खिलाफ वायर फ्रॉड और SNAP लाभ धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने शुरुआत में उसे हिरासत में लिए बिना पेश होने की अनुमति दी थी और उसे पासपोर्ट जमा करने तथा वॉशिंगटन में रहने का आदेश दिया था। लेकिन वह कनाडा चला गया और वहां से भारत पहुंच गया।
एफबीआई ने रखा था 1.5 लाख डॉलर का इनाम
मंजीत सिंह बेदी की गिरफ्तारी के लिए अमेरिकी एफबीआई ने 1.5 लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा की थी। अमेरिकी अधिकारियों ने उसकी तलाश तेज कर दी थी और उसके खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था।
अब जालंधर पुलिस की कार्रवाई के बाद इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और भारत-अमेरिका के बीच संभावित समन्वय महत्वपूर्ण होगा। पंजाब पुलिस ने कहा है कि विदेशों में कानून से बचने के लिए भारत आने वाले भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।








