डेस्क : अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक राष्ट्रपति ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर कनाडा में अमेरिकी कंपनियों के साथ कथित भेदभाव के जवाब में अमेरिकी संघीय नागरिक खरीद प्रणाली से कनाडाई मूल के सामान को हटाने या उनकी उपलब्धता सीमित करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, बजट एवं प्रबंधन कार्यालय और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को संघीय अधिग्रहण नियामक परिषद के साथ समन्वय कर ऐसे कनाडाई उत्पादों की पहचान करने को कहा गया है, जिन्हें संघीय नागरिक खरीद व्यवस्था से हटाया जा सकता है। अमेरिकी प्रशासन कनाडा की सरकारी खरीद व्यवस्था में अमेरिकी मूल के सामान के साथ होने वाले व्यवहार की निगरानी भी करेगा।
व्हाइट हाउस ने आरोप लगाया कि कनाडा की संघीय और प्रांतीय सरकारी खरीद नीतियां अमेरिकी कंपनियों को समान अवसर नहीं देतीं। प्रशासन ने विशेष रूप से कनाडा की ‘बाय कैनेडियन’ नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे कनाडाई उत्पादों और सामग्री को प्राथमिकता मिलती है और अमेरिकी छोटे कारोबारों तथा कंपनियों को नुकसान होता है।
अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि कनाडाई कंपनियों को अमेरिका की सरकारी खरीद व्यवस्था में 280 अरब डॉलर से अधिक के बाजार तक पहुंच हासिल है, जबकि अमेरिकी कंपनियों को कनाडा की सरकारी खरीद व्यवस्था में समान व्यवहार नहीं मिल रहा है।
ट्रंप का यह कदम दोनों देशों के बीच चल रहे व्यापक व्यापार विवाद में एक और नया मोर्चा खोलता है। शुल्क और बाजार तक पहुंच के मुद्दों के साथ अब सरकारी खरीद भी दोनों देशों के बीच विवाद का प्रमुख विषय बन गई है।
व्हाइट हाउस ने अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते (यूएसएमसीए) को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया है। प्रशासन का कहना है कि मौजूदा स्वरूप में समझौते को आगे बढ़ाने पर सहमति नहीं बनी है, क्योंकि उसके अनुसार यह अमेरिकी विनिर्माताओं, किसानों, श्रमिकों, सेवा प्रदाताओं और कारोबारों के लिए पर्याप्त लाभकारी नहीं है।
इससे पहले 8 सितंबर को अमेरिका ने कनाडा के कुछ उत्पादों को लेकर अतिरिक्त व्यापारिक कदम उठाए थे। इनमें मादक पेय, डेयरी और मोटर वाहन जैसे क्षेत्रों से जुड़े उत्पाद शामिल थे। इसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी उत्पादों की कई श्रेणियों पर जवाबी शुल्क लागू किए।
दोनों देशों के बीच तनाव अगस्त में व्यापार समझौते को लेकर बातचीत विफल होने के बाद और बढ़ गया था। 22 अगस्त को अमेरिका ने कनाडा से आने वाले कई उत्पादों पर 50 प्रतिशत शुल्क लागू किया था। कनाडा ने इसके जवाब में अमेरिकी उत्पादों की करीब 700 श्रेणियों पर जवाबी शुल्क लगाने की कार्रवाई की।
ट्रंप प्रशासन इन कदमों को अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट ट्रेड पॉलिसी’ का हिस्सा बता रहा है। व्हाइट हाउस के अनुसार, शुल्क और अन्य व्यापारिक उपायों का उद्देश्य अमेरिकी श्रमिकों और कारोबारों के हितों की रक्षा करना, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और अमेरिकी उत्पादों के लिए विदेशी बाजारों में बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना है।
नवीनतम राष्ट्रपति ज्ञापन के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार विवाद अब केवल शुल्क तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि सरकारी खरीद और बाजार में पारस्परिक पहुंच जैसे मुद्दे भी इसके केंद्र में आ गए हैं।







