अमेरिका ने दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों पर लगाया वीजा प्रतिबंध, नीतियों को लेकर बढ़ा विवाद

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डेस्क : अमेरिका ने दक्षिण अफ्रीका के कुछ अधिकारियों के खिलाफ वीजा प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। ट्रंप प्रशासन ने इन अधिकारियों पर ऐसी नीतियों और कानूनों को बढ़ावा देने या उनमें सहयोग करने का आरोप लगाया है, जिनके तहत श्वेत और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ भेदभाव होने की बात कही गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ऐसे लोगों के मौजूदा वीजा रद्द किए जाएंगे और नए वीजा आवेदनों को भी अस्वीकार किया जा सकता है।

रुबियो ने अपने बयान में दक्षिण अफ्रीका की ऐसी नीतियों का हवाला दिया, जिनमें कुछ परिस्थितियों में बिना मुआवजे के निजी भूमि के अधिग्रहण का प्रावधान है। इसके अलावा उन्होंने नस्ल आधारित नीतियों और अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस तरह के व्यवहार को नजरअंदाज नहीं कर सकता और ऐसी गतिविधियां शांति, आर्थिक स्थिरता तथा कानून के शासन के सिद्धांतों के विपरीत हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि किन-किन दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों पर ये प्रतिबंध लागू होंगे। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के श्वेत अल्पसंख्यक समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले एक प्रमुख लॉबी समूह ने अमेरिका से सत्तारूढ़ अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस के प्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

अमेरिका ने दक्षिण अफ्रीका की भूमि अधिग्रहण संबंधी नीतियों, अश्वेत नागरिकों के लिए अवसर बढ़ाने वाली सकारात्मक कार्रवाई की व्यवस्था और श्वेत किसानों के खिलाफ हिंसक अपराध की कुछ घटनाओं को अपनी चिंताओं के आधार के रूप में सामने रखा है। हालांकि, दक्षिण अफ्रीकी सरकार इन नीतियों को औपनिवेशिक शासन और रंगभेद के दौरान हुए ऐतिहासिक अन्याय को दूर करने की कोशिश के तौर पर देखती है।

दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला ने अमेरिकी कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश की नीतियां सदियों के औपनिवेशिक दमन और रंगभेद से पैदा हुई असमानताओं को दूर करने के उद्देश्य से बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका अमेरिका के अपने परिस्थितियों के अनुरूप कानून बनाने के अधिकार का सम्मान करता है और इसी तरह अमेरिका से भी दक्षिण अफ्रीका की संप्रभुता और नीतिगत फैसलों का सम्मान करने की अपेक्षा करता है।

दोनों देशों के संबंध पिछले कुछ समय से लगातार तनावपूर्ण रहे हैं। गाजा युद्ध को लेकर दक्षिण अफ्रीका द्वारा अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में इजरायल के खिलाफ नरसंहार का मामला दायर किए जाने के बाद भी दोनों देशों के बीच मतभेद बढ़े हैं। इजरायल ने दक्षिण अफ्रीका के आरोपों को खारिज किया है।

ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका-दक्षिण अफ्रीका संबंधों में कई और विवाद सामने आए हैं। इनमें अमेरिका में आयोजित जी-20 बैठकों से दक्षिण अफ्रीकी प्रतिनिधियों का बहिष्कार, दक्षिण अफ्रीका के एचआईवी उपचार कार्यक्रमों के लिए अमेरिकी सहायता में कमी और अफ्रीकानेर तथा अन्य श्वेत दक्षिण अफ्रीकियों के लिए विशेष शरणार्थी व्यवस्था शामिल है।

अमेरिका के दक्षिण अफ्रीका स्थित आधिकारिक दूतावास के सोशल मीडिया अकाउंट से जारी संदेश में कहा गया कि वीजा प्रतिबंध नीति आगे उठाए जाने वाले कई कदमों में पहला कदम है। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव और बढ़ सकता है।