बंगाल में 1.8 लाख फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मिलने का दावा, सरकार ने शुरू की जांच

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डेस्क : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी संख्या में जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाने के मामले ने सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में करीब 1.8 लाख जन्म प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने का दावा किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने व्यापक जांच के आदेश दिए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान 46,998 देरी से जारी किए गए जन्म प्रमाणपत्रों की जांच की गई, जिनमें से 11,390 प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। वहीं, करीब 11 लाख 24 हजार डिजिटाइज्ड प्रमाणपत्रों की जांच में लगभग 1.8 लाख प्रमाणपत्र संदिग्ध या फर्जी मिले।

सरकार ने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों से जुड़े रजिस्टरों को पंचायतों और नगरपालिकाओं से एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन दस्तावेजों की विस्तृत जांच अगले तीन से चार महीनों तक की जाएगी, ताकि वास्तविक और फर्जी प्रमाणपत्रों की पहचान की जा सके।

आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में वर्ष 2023 में 1,21,453 जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए थे। 2024 में यह संख्या बढ़कर 3,81,591 हो गई, जबकि 2025 में अचानक बढ़कर 10,50,441 तक पहुंच गई। प्रमाणपत्र जारी होने की संख्या में इस असामान्य वृद्धि को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

सरकार ने अब जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार केवल अधिकृत सरकारी अधिकारियों तक सीमित करने का फैसला किया है। प्रशासन का कहना है कि इससे प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी।