स्पोर्ट्स डेस्क : पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय सीरीज के आयोजन और टीम चयन नीति पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। उन्होंने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ हुई श्रृंखला को लेकर भी टिप्पणी की, जिसमें दर्शकों की कम रुचि और अपेक्षित आकर्षण की कमी देखी गई।
गावस्कर का कहना है कि भारतीय क्रिकेट की लोकप्रियता और खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि ऐसी सीरीज आयोजित की जाएं जो दर्शकों के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी और आकर्षक हों। उन्होंने संकेत दिया कि कमजोर प्रतिस्पर्धा वाली श्रृंखलाएं न केवल दर्शकों की दिलचस्पी कम करती हैं, बल्कि भारतीय टीम के “ब्रांड वैल्यू” को भी प्रभावित कर सकती हैं।
पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि लगातार हो रही द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में यदि प्रतिस्पर्धा का स्तर संतुलित नहीं होता, तो इससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का आकर्षण कम होने का खतरा रहता है। उन्होंने खिलाड़ियों के कार्यभार और उनकी प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए संतुलित शेड्यूलिंग की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार, गावस्कर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टी20 लीग्स के बढ़ते प्रभाव और द्विपक्षीय सीरीज की लोकप्रियता को लेकर बहस तेज हो रही है।
गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों के व्यस्त कार्यक्रम और सीरीज की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। गावस्कर का यह बयान एक बार फिर इस बहस को सामने ले आया है कि क्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अधिक प्रतिस्पर्धी और दर्शक-केंद्रित बनाने की जरूरत है।


