भारत ने इबोला से निपटने के लिए केन्या को 4.5 टन चिकित्सा सहायता सौंपी

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डेस्क : भारत ने बुधवार को केन्या को इबोला वायरस रोग (EVD), अन्य संक्रामक बीमारियों और भविष्य में संभावित महामारी के खतरों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए 4.5 टन चिकित्सा सामग्री की पहली खेप सौंपी। यह सहायता केन्या की बीमारी की निगरानी, संक्रमण नियंत्रण और आपात स्वास्थ्य प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगी।

नैरोबी स्थित भारतीय उच्चायोग की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारत के उच्चायुक्त आदर्श स्वैका ने नैरोबी के जोमो केन्याटा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (JKIA) पर केन्या के स्वास्थ्य मंत्री (कैबिनेट सेक्रेटरी) एडेन डुआले को चिकित्सा सामग्री की खेप सौंपी।

पहली खेप में 279 पैकेज शामिल हैं, जिनमें व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट, नमूना परिवहन किट, इंफ्रारेड थर्मामीटर, फेस शील्ड, भारी सुरक्षा जूते और संक्रमण की रोकथाम से जुड़ी अन्य आवश्यक सामग्री शामिल है। चिकित्सा सहायता की दूसरी खेप भी जल्द केन्या को उपलब्ध कराई जाएगी।

भारतीय उच्चायोग ने कहा कि यह सहायता केवल तत्काल जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि केन्या की दीर्घकालिक और मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे केन्या नेशनल पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट और अन्य अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य संस्थानों की बीमारी की निगरानी, नमूने एकत्र करने और सुरक्षित परिवहन, संक्रमण की रोकथाम तथा स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत किया जाएगा।

यह सहायता ऐसे समय में दी गई है, जब भारत ने मई के अंत और जून 2026 की शुरुआत में अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) को 45 टन से अधिक चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराई थी। इसका उद्देश्य पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में इबोला और अन्य संक्रामक रोगों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना था।

उच्चायोग ने कहा कि भारत और केन्या के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में लंबे समय से मजबूत सहयोग रहा है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने वैक्सीन मैत्री पहल के तहत केन्या को 11.2 लाख मेड-इन-इंडिया वैक्सीन की खुराक उपलब्ध कराई थी। इसके अलावा, भारत ने आवश्यक दवाओं और अन्य चिकित्सा सहायता की भी आपूर्ति की थी।

भारत ने केन्या के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में भी योगदान दिया है। इसके तहत केन्याटा नेशनल हॉस्पिटल को कैंसर उपचार की क्षमता बढ़ाने के लिए भाभाट्रॉन रेडियोथेरेपी मशीन दी गई है। वहीं, मोम्बासा स्थित केन्या नेवी हॉस्पिटल को सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध कराई गई है, जबकि एमआरआई मशीन की प्रक्रिया जारी है।

भारतीय उच्चायोग के अनुसार, हर साल 10,000 से अधिक केन्याई नागरिक इलाज के लिए भारत आते हैं। भारत की किफायती, सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उन्हें आकर्षित करती हैं। इसके अलावा, भारत केन्या का प्रमुख दवा आपूर्तिकर्ता भी है और भारतीय फार्मास्युटिकल उत्पाद देश के दवा बाजार में 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखते हैं।

उच्चायोग ने कहा कि भारत और केन्या के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति से लेकर क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, किफायती स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच सहयोग तक फैला हुआ है। भारत की यह सहायता केन्या के साथ उसके जन-केंद्रित विकास साझेदारी और अफ्रीकी देशों में मजबूत एवं अधिक लचीली स्वास्थ्य प्रणालियां विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।