पर्चियां बनाईं, प्रश्न रटे और होटल में लिखे, विशेषज्ञों ने कैसे लीक किया पेपर? सीबीआई का खुलासा

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डेस्क : नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की जांच में परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर खुलासे हुए हैं। जांच के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के दिल्ली स्थित कार्यालय में प्रश्नपत्र तैयार करने और उसके अनुवाद से जुड़े काम में शामिल तीन विषय विशेषज्ञों ने परीक्षा के सवालों को बाहर निकालने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए। किसी ने सवालों की छोटी-छोटी पर्चियां तैयार कीं, तो किसी ने सवाल याद किए और बाद में होटल के कमरे में जाकर उन्हें लिख लिया।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की ओर से दाखिल आरोपपत्र में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की जीव विज्ञान विशेषज्ञ मनीषा मंधारे, रसायन विज्ञान विशेषज्ञ पी.वी. कुलकर्णी और भौतिक विज्ञान विशेषज्ञ मनीषा संजय हवलदार के नाम सामने आए हैं।

गोपनीय कक्ष से बाहर निकलते समय नहीं होती थी तलाशी

जांच में सामने आया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के कार्यालय की पहली मंजिल पर स्थित गोपनीय कक्ष से बाहर निकलने वाले विषय विशेषज्ञों की नियमित तलाशी नहीं ली जाती थी। जांच एजेंसी के अनुसार, इसी सुरक्षा कमी का फायदा उठाकर प्रश्नों को बाहर ले जाना संभव हुआ।

जांच में यह भी सामने आया कि गोपनीय कक्ष में लगे निगरानी कैमरों की सीधी निगरानी के लिए कोई अलग नियंत्रण कक्ष नहीं था। जांच एजेंसी को केवल करीब 20 से 25 दिनों की निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग उपलब्ध हो सकी।

रसायन विज्ञान के 135 सवाल पर्चियों में लिखने का आरोप

जांच के अनुसार, रसायन विज्ञान विशेषज्ञ पी.वी. कुलकर्णी ने प्रश्नपत्र के सवालों को छोटी-छोटी पर्चियों पर लिख लिया था। आरोप है कि उन्होंने रसायन विज्ञान के 135 सवालों को उनके विकल्पों और सही उत्तरों के साथ संक्षिप्त रूप में लिखकर बाहर निकाला।

जांच में यह भी सामने आया कि कुलकर्णी ने मनीषा वाघमारे की मदद से विद्यार्थियों के लिए विशेष पढ़ाई की कक्षाएं आयोजित की थीं। इन कक्षाओं में कथित तौर पर प्रश्नों के विकल्प और उनके सही उत्तर विद्यार्थियों को लिखवाए गए।

सवाल याद करके होटल पहुंचती थीं विशेषज्ञ

जीव विज्ञान विशेषज्ञ मनीषा मंधारे के बारे में जांच में सामने आया कि वह वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान से जुड़े सवालों को याद करके होटल के कमरे में लौटती थीं। इसके बाद वह राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की पुस्तकों में संबंधित अनुच्छेदों को चिह्नित करती थीं।

जांच एजेंसी के अनुसार, मनीषा मंधारे पुणे स्थित अपने घर पर विद्यार्थियों के लिए विशेष पढ़ाई की कक्षाएं भी चलाती थीं।

भौतिक विज्ञान के सवाल भी लिखे गए

भौतिक विज्ञान से जुड़े प्रश्नों के अनुवाद और तीन अलग-अलग प्रश्नपत्र समूहों की जांच का काम मनीषा संजय हवलदार को दिया गया था। आरोप है कि उन्होंने भी प्रश्नों को संक्षिप्त रूप में लिखकर सुरक्षित कर लिया था।

परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की जांच में सामने आए तथ्यों ने नीट-यूजी जैसी देश की महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने और उनकी गोपनीयता बनाए रखने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों की पर्याप्त तलाशी नहीं होना, गोपनीय कक्ष की निगरानी व्यवस्था में कमी और सीमित अवधि की निगरानी कैमरा रिकॉर्डिंग जैसे तथ्य जांच के दौरान सामने आए हैं। आरोपपत्र में सामने आई जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि प्रश्नपत्र की गोपनीयता बनाए रखने वाली व्यवस्था में कई स्तरों पर खामियां थीं।