नई दिल्ली : फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई है। एजेंसी इस मामले में हमले के पीछे की वजह, विमान की सुरक्षा को खतरे में डालने की परिस्थितियों और किसी संभावित साजिश के पहलू की जांच करेगी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसी विभिन्न तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
जानकारी के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या एफजेड 1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। इसी दौरान विमान में सवार ओमान के सह-पायलट पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के साथ मारपीट करने का आरोप लगा। घटना के दौरान विमान के भीतर अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई और उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।
बताया जाता है कि घटना के बाद चालक दल के सदस्यों और अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। घटना के बाद संबंधित अधिकारियों ने आरोपी सह-पायलट को हिरासत में लिया।
एनआईए अब मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के दायरे में हमले की परिस्थितियां, आरोपी की भूमिका और विमान की सुरक्षा को खतरे में डालने से जुड़े तथ्य शामिल हैं। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि घटना के पीछे कोई व्यापक साजिश थी या नहीं।
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सुरक्षा व्यवस्था और विमान के चालक दल के सदस्यों के बीच सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही हमले के कारणों और संभावित साजिश के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








