डेस्क : ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने चौथी बार राष्ट्रपति पद हासिल किया है। 80 वर्षीय लूला ने कड़े मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वी और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लेवियो बोल्सोनारो को शिकस्त दी। इस जीत के साथ लूला ने ब्राजील की राजनीति में एक बार फिर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, मतगणना के दौरान ब्राजीलियाई मीडिया और डेटाफ़ोल्हा के अनुमानों में लूला को 51.76 प्रतिशत और फ्लेवियो बोल्सोनारो को 48.24 प्रतिशत वैध वोट मिलने की जानकारी दी गई। यह आंकड़े 99.77 प्रतिशत मतों की गिनती पर आधारित बताए गए हैं।
कड़े मुकाबले में लूला ने हासिल की जीत
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में इस बार दोनों उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। चुनाव प्रचार के दौरान महंगाई, रोजगार, सार्वजनिक सुरक्षा, भ्रष्टाचार और देश की आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
पहले चरण के चुनाव में फ्लेवियो बोल्सोनारो ने लूला से आगे रहते हुए दूसरे चरण में जगह बनाई थी। हालांकि, दूसरे चरण में लूला ने बढ़त हासिल करते हुए राष्ट्रपति पद पर अपनी वापसी सुनिश्चित की।
इस चुनाव परिणाम ने ब्राजील की राजनीति में लूला की भूमिका को एक बार फिर महत्वपूर्ण बना दिया है। उनकी जीत को देश की आर्थिक नीतियों और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के भविष्य के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
ट्रेड यूनियन नेता से राष्ट्रपति तक का सफर
लूला दा सिल्वा ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ट्रेड यूनियन नेता के रूप में की थी। उन्होंने ब्राजील में श्रमिकों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई और बाद में वर्कर्स पार्टी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लूला पहली बार 2003 में ब्राजील के राष्ट्रपति बने थे। इसके बाद 2006 में उन्होंने दोबारा चुनाव जीतकर अपना दूसरा कार्यकाल हासिल किया। वर्ष 2011 में उनका कार्यकाल समाप्त हुआ।
लंबे राजनीतिक अंतराल और कानूनी चुनौतियों के बाद लूला ने 2022 का राष्ट्रपति चुनाव जीता और जनवरी 2023 में तीसरी बार राष्ट्रपति पद संभाला। अब 2026 के चुनाव में जीत के साथ वह चौथी बार राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं।
उनके राजनीतिक सफर में भ्रष्टाचार के मामलों से जुड़े कानूनी विवाद भी शामिल रहे हैं। ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने उनकी पूर्व सजाओं को निरस्त कर दिया था, जिसके बाद वह दोबारा चुनाव लड़ने के योग्य बने।
नई सरकार के सामने होंगी कई चुनौतियां
चुनाव जीतने के बाद भी लूला सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां रहेंगी। महंगाई, आम लोगों की क्रय शक्ति, अपराध और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जनता की अपेक्षाएं सरकार के लिए अहम होंगी।
इसके अलावा, संसद में राजनीतिक समर्थन जुटाना भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। सामाजिक कल्याण योजनाओं, आर्थिक सुधारों और सार्वजनिक खर्च से जुड़े फैसलों को लागू करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ तालमेल बनाना पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी रहेगी नजर
लूला की नई पारी में ब्राजील के अंतरराष्ट्रीय संबंध भी चर्चा का विषय रहेंगे। चीन, अमेरिका और ग्लोबल साउथ के देशों के साथ ब्राजील के आर्थिक एवं कूटनीतिक संबंधों पर दुनिया की नजर रहेगी।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लूला अपनी नई सरकार में किन नीतियों को प्राथमिकता देते हैं और आर्थिक विकास के साथ सामाजिक कल्याण के अपने एजेंडे को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।









