छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे की पीएम मोदी से अपील, बोले- सरकार छात्रों से करे बातचीत

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डेस्क : पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में छात्रों के बीच बढ़ते आक्रोश के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों से बातचीत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालना चाहिए।

अन्ना हजारे ने अपने पत्र में कहा कि छात्रों का भविष्य देश के भविष्य से जुड़ा हुआ है। ऐसे में उनकी मांगों और चिंताओं को नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को उनसे सीधे संवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत और आपसी समझ से निकाला जा सकता है।

छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए अन्ना हजारे ने चिंता जताई और कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह छात्रों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाए और उनकी समस्याओं का समाधान तलाशे।

अन्ना हजारे का यह पत्र ऐसे समय सामने आया है जब पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। विपक्षी दल भी इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं और छात्रों के साथ संवाद करने की मांग कर रहे हैं।

इस बीच सरकार की ओर से भी पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर प्रयास करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया है।

अन्ना हजारे की प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी को छात्रों के आंदोलन के बीच एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने सरकार और छात्रों के बीच संवाद स्थापित करने पर जोर देते हुए उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए इस विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है।