डेटिंग ऐप पर दोस्ती, फिर ब्लैकमेलिंग का खेल; विश्वविद्यालय का छात्र गिरफ्तार

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डेस्क : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में डेटिंग ऐप के जरिए युवकों को हनीट्रैप में फंसाकर कथित रूप से ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने AMU के BBA तृतीय वर्ष के एक छात्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी डेटिंग ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवकों से संपर्क करते थे। बातचीत के बाद उन्हें मिलने के लिए विश्वविद्यालय के विकारुल मुल्क (VM) हॉल में बुलाया जाता था। आरोप है कि वहां युवकों को बंधक बनाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाते थे। इसके बाद वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर उनसे रकम की मांग की जाती थी।

मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब AMU के एक कर्मचारी ने अपने 19 वर्षीय बेटे के साथ हुई घटना की शिकायत सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार युवक को दोस्तों से मिलने के बहाने VM हॉल के एक कमरे में बुलाया गया था। वहां मौजूद लोगों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की और उसे बंधक बना लिया। इसके बाद उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाया गया और उसे वायरल करने की धमकी दी गई।

पुलिस जांच के आधार पर गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान शाहजिल शान खान के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पीलीभीत का रहने वाला बताया गया है और AMU में BBA तृतीय वर्ष का छात्र है। पुलिस ने उसके पास से आईफोन 13 प्रो मैक्स और 1,200 रुपये बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में 15 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इनमें करीब 10 पीड़ितों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने अलग-अलग लोगों को इसी तरीके से निशाना बनाकर करीब चार से पांच लाख रुपये की वसूली की।

जांच के दौरान एक अन्य पीड़ित ने भी पुलिस से शिकायत की है। उसने आरोप लगाया कि उसे भी डेटिंग ऐप के माध्यम से संपर्क कर AMU के हॉल में बुलाया गया और बंधक बनाकर वीडियो बनाया गया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे कथित तौर पर 60 हजार रुपये वसूले गए।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में अब तक दो पीड़ितों की ओर से शिकायतें सामने आई हैं। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बाहरी लोगों की विश्वविद्यालय परिसर के हॉल तक पहुंच कैसे हुई और इस गतिविधि में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।