मोदी-शी जिनपिंग मुलाकात से पहले चीन का बड़ा संदेश, मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने पर जोर

0

डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शनिवार को होने वाली द्विपक्षीय बैठक से पहले चीन ने भारत के साथ संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख का संकेत दिया है। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि चीन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के रणनीतिक मार्गदर्शन में भारत के साथ मिलकर काम करेगा और दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाएगा।

चीनी राजदूत ने शुक्रवार रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि दोनों देशों के बीच राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय बैठक की तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष दोनों नेता आमने-सामने मुलाकात करेंगे। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात कज़ान और तियानजिन में हो चुकी है।

शू फेइहोंग ने कहा कि चीन भारत के साथ रणनीतिक स्तर और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने, संवाद बढ़ाने और सहयोग मजबूत करने के लिए काम करेगा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को मतभेदों का उचित समाधान करते हुए अच्छे पड़ोसी और एक-दूसरे की सफलता में सहयोगी साझेदार बनना चाहिए।

यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में लंबे समय तक तनाव रहा था। हालांकि, पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच संबंधों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिले हैं। कज़ान और तियानजिन में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी की मुलाकातों के बाद द्विपक्षीय संवाद को आगे बढ़ाने की कोशिशें तेज हुई हैं।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच रहे हैं। चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, शी जिनपिंग बीजिंग से रवाना हो चुके हैं और उनके दोपहर 12:25 बजे नई दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है।

शी जिनपिंग के साथ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य और केंद्रीय समिति के सामान्य कार्यालय के निदेशक काई ची तथा पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीनी विदेश मंत्री वांग यी भी भारत आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक शनिवार शाम 5:45 बजे प्रस्तावित है।

इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भी दोनों नेताओं की बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि यह लगातार तीसरा वर्ष होगा जब मोदी और शी की मुलाकात होगी। उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के अनुरूप काम करने, संवाद एवं सहयोग बढ़ाने और मतभेदों को उचित तरीके से संभालने के लिए तैयार है।