धर्मांतरण के लिए फंडिंग के आरोप, पूर्व कुलपति के नेटवर्क की जांच में जुटी एजेंसियां

0

डेस्क : प्रयागराज के एक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति पर धर्मांतरण के लिए फंडिंग कराने और इसके लिए नेटवर्क तैयार करने के आरोप सामने आए हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब उसके कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों और गतिविधियों की जांच कर रही हैं। पूर्व कुलपति के खिलाफ धर्मांतरण, गबन और जानलेवा हमले समेत 25 से अधिक मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। वह पहले जेल भी जा चुका है।

जानकारी के अनुसार, पूर्व कुलपति ने मोहनलालगंज, नगराम, गोसाईंगंज और प्रयागराज समेत कई क्षेत्रों में कथित तौर पर एजेंटों का नेटवर्क तैयार किया था। इन एजेंटों के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को प्रार्थना सभाओं में बुलाया जाता था। आरोप है कि सभाओं में पहुंचने वाले लोगों को प्रभावित करने के बाद धर्मांतरण के लिए तैयार किया जाता था और इसके लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाती थी।

धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हुई हैं। पुलिस ने हाल में डेनियल उर्फ सुब्रमण्यम समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जांच के दौरान सुब्रमण्यम के मोबाइल फोन और दस्तावेजों से कथित नेटवर्क से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की बात कही जा रही है। एजेंसियां अब इन जानकारियों के आधार पर नेटवर्क के अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही हैं।

सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी से भी कनेक्शन

जांच में पूर्व कुलपति से जुड़े एक सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी का नाम भी सामने आया है। बताया गया है कि इस व्यक्ति ने वर्ष 2000 में गांव में जमीन खरीदकर एक सभा स्थल बनवाया था, जिसे बाद में मिजोरम की एक ईसाई संस्था से संबद्ध किया गया। इसके बाद यहां बाहर से आने वाले लोग रुकते थे और स्थानीय लोगों को सभाओं से जोड़ने का काम करते थे। करीब आठ वर्ष पहले सैन्यकर्मी की पत्नी की मृत्यु के बाद अन्य एजेंट सभा स्थल की गतिविधियां संभालने लगे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पूरे तंत्र को संचालित करने के लिए आर्थिक मदद भी की जा रही थी। पुलिस और जांच एजेंसियां अब कथित फंडिंग के स्रोत, नेटवर्क से जुड़े लोगों और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं।

इस बीच हरदोई के शाहाबाद में भी धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और मारपीट के आरोप में एक मौलाना समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सेवानिवृत्त फौजी राजेश्वर प्रसाद की शिकायत पर पुलिस ने मौलाना अनवर और उसके तीन बेटों समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि समस्या का समाधान कराने के नाम पर उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और विवाद के बाद उनके साथ मारपीट की गई। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।