धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी सीजेपी, सरकार ने मांगा एक दिन का समय

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डेस्क: पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही सीजेपी और केंद्र सरकार के बीच दूसरे दौर की बातचीत भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। सीजेपी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अब भी अड़ी हुई है, जबकि सरकार ने इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए एक दिन का समय मांगा है।

सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के अनुसार, सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर फैसला लेने के लिए अगले दिन दोपहर तक का समय मांगा है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी मांग पर जल्द निर्णय लेगी।

बातचीत के दौरान सीजेपी की ओर से अन्य मांगों को लेकर भी चर्चा हुई। संगठन का दावा है कि सरकार ने नीट की तैयारी कर रहे उन छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर व कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग पर सैद्धांतिक सहमति जताई है।

हालांकि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का मुद्दा अब भी बातचीत में सबसे बड़ा गतिरोध बना हुआ है। सीजेपी का कहना है कि इस मांग पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और आंदोलन जारी रहेगा।

इससे पहले सीजेपी के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात की थी। वहीं, पेपर लीक के मुद्दे पर चल रहे विरोध के बीच सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर उसका आंदोलन जारी रहेगा।

अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। सरकार की ओर से मांगे गए एक दिन के समय के बाद यह स्पष्ट होगा कि दोनों पक्षों के बीच गतिरोध समाप्त होता है या सीजेपी अपना आंदोलन और तेज करती है।